राघोपुर. प्रखंड क्षेत्र के फिंगलास पंचायत में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला. कथा के दौरान कथावाचक पंडित आचार्य रणधीर झा ने भजन-कीर्तन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भजन केवल संगीत या गायन नहीं, बल्कि भगवान तक पहुंचने का सरल और प्रभावी मार्ग है. भजन-कीर्तन के माध्यम से मन को शुद्ध कर भगवत कृपा प्राप्त की जा सकती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भक्त प्रह्लाद, ध्रुव, मीरा और नारद जैसे महान भक्तों ने भक्ति और भजन के मार्ग पर चलकर भगवान की प्राप्ति की. यह मार्ग हर व्यक्ति के लिए खुला है, बस श्रद्धा और समर्पण की आवश्यकता होती है. कथा के दौरान सती और भगवान शिव के चरित्र का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया. जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए. आचार्य ने भगवान शिव के परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि शिव परिवार में सर्प, सिंह, मूषक और मोर जैसे प्राणी शामिल हैं. जो स्वभाव से एक-दूसरे के शत्रु माने जाते हैं. इसके बावजूद वे एक साथ प्रेम और एकता के साथ रहते हैं. यह संदेश हम सभी के लिए प्रेरणादायक है कि भिन्नताओं के बावजूद परिवार और समाज में एकता बनाए रखना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि अध्ययन और आचरण का विषय है. यदि हम अपने धर्म का निरंतर अध्ययन करें और उसके सिद्धांतों को जीवन में अपनाएं, तो हम एक सशक्त और उज्ज्वल समाज का निर्माण कर सकते हैं. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया और भक्ति भाव से सराबोर होकर भजन-कीर्तन में भाग लिया.
भजन-कीर्तन भगवान तक पहुंचने का सरल मार्ग : कथावाचक
श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला
