कोसी नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र और बराहक्षेत्र (नेपाल) के पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद शनिवार को जलस्तर में तेजी से उछाल दर्ज किया गया है. पिछले चार घंटे के भीतर बराहक्षेत्र में लगभग 13 हजार क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी हुई है और डिस्चार्ज लगातार बढ़ते क्रम में है. हालांकि, राहत की बात यह है कि इसका सीधा असर फिलहाल वीरपुर स्थित कोसी बराज के जलस्तर पर नहीं पड़ा है और बराज पर पानी स्थिर बना हुआ है. इस बीच, चीन-तिब्बत सीमा पर एक झील टूटने की सूचना के बाद नेपाल के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जिसकी सोशल मीडिया पर भ्रामक व्याख्या के बाद बिहार जल संसाधन विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.
बराहक्षेत्र में तेजी से बढ़ा डिस्चार्ज, बराज पर स्थिति स्थिर
वीरपुर कोसी बराज कंट्रोल रूम से शनिवार सुबह 8:00 बजे मिले आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- बराहक्षेत्र की स्थिति: बराहक्षेत्र में डिस्चार्ज 1,07,000 (1.07 लाख) क्यूसेक दर्ज किया गया, जो लगातार बढ़ते क्रम (Rising Trend) में है.
- कोसी बराज पर जलस्तर: बराज पर कुल जलप्रवाह 1,42,360 क्यूसेक स्थिर (Steady) अवस्था में बना हुआ है.
- 16 फाटक खुले: पानी के सुगम निकास के लिए कोसी बराज के कुल 16 फाटकों को खोला गया है. विभागीय अभियंताओं का कहना है कि जलस्तर सामान्य सीमा के भीतर है और बराज पूरी तरह सुरक्षित है.
चीन में झील टूटने की सूचना: नेपाल के रसुवा-नुवाकोट में सतर्कता
चीन की सीमा से सटे नेपाली भूभाग में सतर्कता बढ़ा दी गई है:
- नेपाली प्रशासन का इनपुट: नेपाल के रसुवा जिले के मुख्य जिला अधिकारी (CDO) नरेंद्र परियार के अनुसार, चीनी पक्ष से सूचना मिली थी कि चोचेन नदी और यारलुंग त्सांगपो (ब्रह्मपुत्र) के संगम के पास एक झील टूटी है.
- तटीय इलाकों में चेतावनी: एहतियात के तौर पर नेपाल प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और आसपास के निचले क्षेत्रों के नागरिकों को नदियों के किनारे से दूर रहने और सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है.
सोशल मीडिया पर 'दूसरी जलप्रलय' की अफवाहों का सच
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बिहार में भारी तबाही और 'दूसरी जलप्रलय' के भ्रामक दावे किए जाने लगे हैं, जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है:
- अफवाहों पर न दें ध्यान: जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तिब्बत की घटना का बिहार की कोसी नदी पर सीधा विध्वंसक प्रभाव पड़ने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है.
- प्रशासन 24 घंटे मुस्तैद: जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता और तटबंध सुरक्षा बल 24 घंटे जलस्तर, स्परों और संवेदनशील बिंदुओं की निगरानी कर रहे हैं.
- आधिकारिक अपील: प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक बुलेटिन पर ही विश्वास रखें.
