डीपीएस में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम, छात्र-छात्राओं ने ली शपथ

स्कूल के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया.

सुपौल जिला मुख्यालय स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में गुरूवार को महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सोलह दिवसीय जेंडर आधारित हिंसा के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में स्कूल के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. इस संवाद कार्यक्रम में बच्चों को लैंगिक असमानता, लैंगिक हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा, तथा इनसे जुड़े सामाजिक और कानूनी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. साथ ही सरकारी हेल्पलाइन नंबरों महिला हेल्पलाइन 181,चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर क्राइम शिकायत 1930 की महत्वपूर्ण भूमिका और उपयोग की जानकारी छात्र-छात्राओं को समझाई गई. कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह मुक्त भारत के तहत चल रहे 100 दिवसीय अभियान में सभी विद्यार्थियों को सहभागी बनाते हुए शपथ दिलवाई गई कि वे बाल विवाह का न तो समर्थन करेंगे और न ही अपने आसपास ऐसी किसी गतिविधि होने देंगे. इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक रूपम कुमारी, डायरेक्टर डॉ उदय कर्ण, अधिवक्ता इंद्रजीत कुमार आजाद, जेंडर स्पेशलिस्ट नीतू कुमारी, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक कुमारी प्रतिभा उपस्थित रही. स्कूल के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में लैंगिक समानता, महिला-सुरक्षा, तथा सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता का संचार करना था, ताकि आने वाली पीढ़ी अधिक संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार समाज का निर्माण कर सके. कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ बताया कि यह जानकारी उनके जीवन में बहुत उपयोगी साबित होगी और वे इसे अपने परिवार व समाज तक भी पहुंचाएंगे.

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