Supaul News: छातापुर मुख्यालय स्थित बंधन होटल परिसर में नवनिर्मित अर्धनारीश्वर मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के निमित्त रविवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई. पूर्णिया से आए प्रमुख आचार्य पंडित दयानाथ मिश्र के सानिध्य में आयोजित शोभायात्रा में पनोरमा ग्रुप के सीएमडी संजीव मिश्रा और उनकी पत्नी कविता मिश्रा मुख्य कलश लेकर शामिल हुए. स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य लोगों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी शोभायात्रा में हिस्सा लिया.
1001 महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर की यात्रा
कलश शोभायात्रा में 1001 महिलाएं लाल और पीले वस्त्रों में सुसज्जित होकर कतारबद्ध चलीं. शहनाई और बैंडबाजे के साथ निकली शोभायात्रा मुख्य बाजार होते हुए बस पड़ाव पहुंची. यहां से करीब दो किलोमीटर दूर सुरसर नदी घाट तक श्रद्धालु पहुंचे.
सुरसर नदी घाट पर हुआ पूजन
सुरसर नदी घाट पर विद्वान पंडितों ने पंचोपचार पूजन कराया. इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच महिलाओं ने नदी से प्रवाहित जल कलश में भरा और वापस अनुष्ठान स्थल पहुंचीं. आयोजन स्थल पर श्रद्धालु महिलाओं के लिए शरबत और अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी.
जयकारों से गूंजता रहा मुख्य बाजार
मुख्य सड़क से होकर गुजरी कलश शोभायात्रा के दौरान भोलेनाथ के जयकारे के साथ जय श्रीराम और जय हनुमान के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा. स्थानीय गणमान्य और धर्मप्रेमी लोग हाथों में पताका लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए.
पुलिस प्रशासन ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
कलश शोभायात्रा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. पुलिस और प्रशासन के पदाधिकारी पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष पुलिस बल के साथ शोभायात्रा के साथ चलते रहे. भीड़ और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई.
सोमवार को आठ मूर्तियों की होगी प्राण प्रतिष्ठा
प्रमुख आचार्य पंडित दयानाथ मिश्र ने बताया कि उनके सानिध्य में बनारस, भागलपुर और स्थानीय कुल 17 विद्वान अर्धनारीश्वर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा के लिए वेद मंत्र और स्वस्तिवाचन करा रहे हैं. सोमवार को नगर भ्रमण के बाद भगवान भोलेनाथ के परिवार के साथ राधाकृष्ण और बजरंगबली सहित कुल आठ मूर्तियों की विधि-विधान से स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की जायेगी.
श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था
Supaul News: प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशेष पूजन का आयोजन होगा. सोमवार की संध्या से आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है. आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की सहभागिता रही.
