निर्मली. नगर पंचायत क्षेत्र में गुरुवार को अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली. जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शशिकांत के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत सड़क और नाली पर कब्जा कर व्यवसाय कर रहे 16 दुकानदारों पर कुल 33 हजार का चालान किया गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूर्व में चेतावनी दिए जाने के बावजूद कई दुकानदारों द्वारा सड़क तक सामान फैलाकर दुकानदारी की जा रही थी, जिससे आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. चेतावनियों को नजरअंदाज कर अतिक्रमण जारी रखने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई. बिना लाइसेंस दुकानों पर भी गिरी गाज अभियान के दौरान बिना ट्रेड लाइसेंस संचालित दुकानों की भी पहचान कर उन्हें बंद कराया गया. इस क्रम में एक दवा दुकान को भी सील कर दिया गया, जिससे मौके पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई. दवा दुकानदार का आरोप है कि उसके पास वैध ड्रग लाइसेंस, जीएसटी नंबर और अन्य दस्तावेज उपलब्ध थे, इसके बावजूद ईओ द्वारा दबाव बनाकर उसकी दुकान को बंद कराया गया और जबरन ताला लगवाया गया. दुकानदारों में आक्रोश इस कार्रवाई के बाद नगर के कई दुकानदारों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई. उन्होंने इसे एकतरफा और अनुचित बताया, वहीं ईओ के कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए. हालांकि, प्रशासन की सख्ती से अतिक्रमणकारियों में दहशत का माहौल है. ईओ शशिकांत के मौके पर पहुंचते ही कई दुकानदार स्वयं ही अपना सामान हटाने लगे. नगर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी स्थिति में सार्वजनिक मार्गों और नालियों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
