नाबालिग से दुष्कर्म व अपहरण मामले में आरोपित को 24 साल की सश्रम सजा, पीड़िता को मिलेगा 3.5 लाख मुआवजा

न्यायालय के आदेशानुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी

By RAJEEV KUMAR JHA | January 13, 2026 6:36 PM

सुपौल. जिले के भीमपुर थाना कांड संख्या 02/2021 से जुड़े पॉक्सो वाद संख्या 02/2021 में नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म व अपहरण के गंभीर मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो संतोष कुमार दुबे की अदालत ने आरोपित अररिया जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र के बरदाहा निवासी 35 वर्षीय गुलाबचंद मुखिया को विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए 24 वर्ष का सश्रम कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई. न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3) व पॉक्सो एक्ट की धारा 04 एवं 06 के तहत 24 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25,000 रुपये जुर्माना की सजा दी. जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को 06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इसके अतिरिक्त आरोपित को भादवि धारा 341 के तहत 01 माह का साधारण कारावास व 500 रुपये जुर्माना, धारा 342 के तहत 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रुपये जुर्माना, धारा 365 के तहत 07 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है. न्यायालय के आदेशानुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. साथ ही ट्रायल के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सीआरपीसी की धारा 428 के तहत सजा में समायोजित किया जाएगा. इस मामले में आरोपित को 09 जनवरी 2026 को ही दोषी करार दिया जा चुका था. सुनवाई के दौरान न्यायालय में कुल 08 गवाहों ने अपनी गवाही दी. जिनके आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए. अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजिका नीलम कुमारी ने सशक्त दलीलें पेश की. जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता पंकज कुमार दास ने आरोपी का पक्ष रखा. दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने यह सख्त फैसला सुनाया. न्यायालय ने पीड़िता के पुनर्वास और न्याय के उद्देश्य से उसे 3.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. यह निर्णय न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि समाज में अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी है.

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