दुखद. मिथिला की बेटी नैंसी की हत्या से सुपौल मर्माहत, लोगों में आक्रोश
12 वर्षीया नैंसी की अपहरण के बाद हत्या की घटना से संपूर्ण मिथिला में उबाल है. हर कोई इस घटना से मर्माहत है. सुपौल में कहीं कैंडल मार्च निकाल कर आक्रोश का इजहार किया जा रहा है, तो कहीं काला दिवस मना कर घटना की निंदा की जा रही.
सुपौल : बीते 25 मई को मधुबनी जिले के अंधरामठ थाना क्षेत्र के महादेव मठ निवासी 12 वर्षीय छात्रा नैंसी का अपहरण कर हत्या की घटना के बाद संपूर्ण जिले में उबाल है. हर कोई इस घटना से मर्माहत हैं. कहीं कैंडल मार्च निकाल कर आक्रोश का इजहार किया जा रहा है तो कहीं काला दिवस मना कर घटना की निंदा की जा रही है. पिपरा में युवाओं ने बुधवार की शाम गांधी प्रतिमा के पास कैंडल जला कर नैंसी को श्रद्धांजलि दिया. साथ संपूर्ण बाजार में कैंडल मार्च निकाल कर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की.
मुख्यालय में महिला उत्थान संगठन की जिलाध्यक्ष खुशबू झा के नेतृत्व में महिलाओं ने गुरुवार को काला दिवस मनाया. मौके पर श्रीमती झा ने कहा कि वहशी दरिंदों ने जो मासूम नैंसी के साथ किया, वह इंसानित को झकझोर देने वाली है. मासूम बच्ची के साथ दरिंदों ने ना सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि उसकी कलाईयों के नसों को काट कर, गला रेतने के बाद तेजाब से जला डाला. महिला उत्थान संगठन की सुपौल जिला इकाई ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है.
इधर, बचपन बचाओ कमेटी की अध्यक्ष नवनीता सिंह ‘गुड्डी’ ने कहा है कि यह घोर अन्याय है. श्रीमती गुड्डी ने मामले की जांच एसआइटी से करने की मांग की है. कहा घटना की जितनी भी निंदा की जाय वह कम है. उन्होंने कहा कि अगर मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो बचपन बचाओ कमेटी के बैनर तले निर्णायक लड़ाई का शंखनाद किया जायेगा.
पिपरा में युवाओं ने निकाला कैंडल मार्च : मधुबनी जिले के अंधरामठ गांव में 12 वर्षीय नैंसी का अपहरण के बाद हत्या किये जाने के विरोध में युवा क्लब व सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा बुधवार की संध्या गांधी चौक से कैंडल मार्च निकाला जो बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए पुन: गांधी चौक पहुंच कर नैंसी के आत्मा की शांति के लिये दो मिनट का मौन रखा.
कैंडल मार्च में शामिल युवाओं में आशीष कुमार, कमलेश झा, बिट्टू कुमार यादव, अमित कुमार टिंकू, बबलू यादव, रिंकू कुमार झा, बच्चन झा, सन्नी कुमार गुप्ता, अभिमन्यू कुमार, मोहम्मद समसी, मुनेंद्र झा, मो सलमान, अजय सोनी, रौशन कुमार समेत दर्जनों ने कहा कि घटना की जितनी भी निंदा की जाय वह कम है.
एसआइटी गठित कर की जांच की मांग
त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तेज करने का आह्वान
