सुपौल : समाहरणालय स्थित टीसीपी भवन में शनिवार को जिला स्तरीय शिक्षा समिति के तत्वावधान में मदरसा के हेड मौलवियों के साथ एक बैठक संपन्न हुई. जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी की मौजूदगी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अमर भूषण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अल्पसंख्यक मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि किन-किन मदरसों के हेड मौलवियों को उपलब्ध कराया गया. इस पर पदाधिकारियों ने गहनतापूर्वक समीक्षा की.
समीक्षा के दौरान पाया कि वर्ष 2008-09 से 2013 तक लाखों रुपये मदरसों को विमुक्त किये जाने के पश्चात कई मदरसो के हेड मौलवियों ने निर्धारित अवधि के दौरान छात्रवृत्ति राशि वितरण संबंधी लेखा-जोखा जिला कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया है. जो स्पष्ट रूप से सरकारी राशि के गबन की श्रेणी में आता है. श्री भूषण ने बताया कि जिला स्तर पर जिला कल्याण पदाधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय कमेटी द्वारा निर्णय लिया गया कि जिन मदरसा ने छात्रवृत्ति राशि की लेखा जोखा का उपयोगिता प्रमाण पत्र अब तक जमा नहीं कराया है. ऐसे मदरसा के हेड मौलवी 24 घंटे को भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करें. अन्यथा ऐसे हेड मौलवियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किये जाने की चेतावनी दी गयी.
