पिपरा : 82.10 लाख की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्माणाधीन पिपरा-चंपानगर पथ लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. पिपरा बाजार से बेहली हो कर गुजरने वाली इस सड़क पर संवेदक द्वारा बड़ा-बड़ा रोड़ा बिछा कर छोड़ दिया गया है. जिसके कारण उक्त सड़क पर चलने में लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
01.210 किलो मीटर लंबी इस सड़क निर्माण कार्य का हाल संवेदक की मनमर्जी पर चलता है. यानि जब मन हो काम शुरू और जब मन हो काम बंद. जिसके कारण वर्ष 2015 से निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है. इसे विभागीय उदासीनता कहें या संवेदक की मनमर्जी, लेकिन नुकसान आम लोगों को ही उठाना पड़ रहा है. हालात ये है कि इस सड़क पर वाहन से तो दूर पैदल चलना भी आम लोगों के लिए परेशानी भरा है. हालत ये हैं कि आये दिन इस सड़क पर चलते-चलते राहगीरों की दुर्घटना में घायल हाेना बात आम हो गयी है. ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल त्रिवेणीगंज के अधीन कराये जा रहे इस पथ के निर्माण कार्य को लेकर विभाग भी कुछ बोलने से परहेज कर रहा है.
कहते हैं लोग
पंचायत के मुखिया रविकांत, समाजसेवी कन्हैया झा, वार्ड सदस्य पवन झा, पिंकू झा, जटा शंकर झा, उमेश लाल मंडल, कुंजीलाल मंडल, अशोक मंडल आदि ने बताया कि पथ पर जब कार्य प्रारंभ हुआ था तो ग्रामीणों में काफी खुशी थी कि अब उन लोगों को जर्जर ईंट सोलिंग से छुटकारा मिल जायेगा. वहीं अच्छी सड़कें अब ग्रामीणों को नसीब होगा. लेकिन हालात ठीक उल्टा हो गया है. निर्माणाधीन सड़क हाल लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. ग्रामीण कहते हैं कि इससे अच्छा तो पूर्व में था. अब तो इस सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों कहना है कि इस बाबत कई बार कार्यपालक अभियंता त्रिवेणीगंज से गुहार लगाया है. बावजूद विभाग सड़क निर्माण कार्य में गंभीरता नहीं दिखा रही है. जिसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
