शिक्षा कार्यालय के स्थानांतरित होने के साथ ही छात्रों के बहुरेंगे दिन

सुपौल : उच्च माध्यमिक विद्यालय सुपौल के छात्रावास में रहने वाले छात्रों के दिन अब बहुरने वाले हैं. इस विद्यालय परिसर में योजना एवं विकास विभाग द्वारा लाखों की लागत से बने दर्जनों कमरे वाले भवन में बीते 26 वर्षों से जिला शिक्षा कार्यालय का संचालन किया जा रहा था. जिसका परोक्ष रूप से विद्यालय […]

सुपौल : उच्च माध्यमिक विद्यालय सुपौल के छात्रावास में रहने वाले छात्रों के दिन अब बहुरने वाले हैं. इस विद्यालय परिसर में योजना एवं विकास विभाग द्वारा लाखों की लागत से बने दर्जनों कमरे वाले भवन में बीते 26 वर्षों से जिला शिक्षा कार्यालय का संचालन किया जा रहा था. जिसका परोक्ष रूप से विद्यालय के छात्रों पर प्रतिकूल असर दिख रहा है. दरअसल उक्त विद्यालय में छात्रावास की व्यवस्था पूर्व में रखी गयी थी.

लेकिन समय- समय पर छात्रावास के मरम्मत व रख रखाव का कार्य नहीं कराये जाने के कारण छात्रावास जर्जर व जीर्णशीर्ण हो चुका है. वहीं विद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य द्वारा योजना एवं विकास विभाग से बनाये गये भवन को छात्रावास में तब्दील कराये जाने की चर्चा की जा रही थी. लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा छात्रावास पर कब्जा जमा लिये जाने के बाद छात्रावास में रह रहे छात्रों ने कई बार विद्यालय प्रबंधन से लेकर विभागीय अधिकारी तक अतिक्रमण मुक्त कराये जाने की फरियाद लगायी.

स्कूल भवन में जिला शिक्षा कार्यालय संचालित किये जाने को लेकर यह मामला काफी दिनों तक सुर्खियों में रहा था. जर्जर भवन में फिलहाल रह रहे छात्रों का स्पष्ट कहना है कि वे काफी परेशानियों का सामना कर मजबूरन रहने पर विवश हैं.

कार्य निष्पादन में हो रही थी परेशानी : जिला शिक्षा कार्यालय के स्थानांतरण की चर्चा कानोंकान फैलते ही जहां छात्र व अभिभावकों में खुशी का माहौल बना हुआ है. वहीं जिला शिक्षा कार्यालय के कर्मी भी विभाग द्वारा कार्यालय की व्यवस्था किये जाने पर हर्षित हैं. कई कर्मियों ने बताया कि छात्रावास के कमरे में उन्हें कार्यों के निष्पादन में भारी परेशानी हो रही थी.
साथ ही भवन की स्थिति बदतर रहने के कारण फाइलों को सुरक्षित रखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. वहीं सुपौल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य उमेश प्रसाद ने पूछने पर बताया कि विभाग द्वारा विद्यालय भवन को मुक्त कराया जाना विद्यालय परिवार के लिए शुभ संकेत है. बताया कि विद्यालय को सौ बेड की क्षमता वाले छात्रावास की स्वीकृति प्रदान की गयी है.
विभागीय फरमान के बाद प्रशासन आया हरकत में
वर्ष 1991 में सहरसा जिला से अलग होकर अस्तित्व में आये सुपौल का जिला शिक्षा कार्यालय उक्त तिथि से ही सुपौल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन में संचालित किया जाता रहा. लिहाजा भवन की कमी का दंश छात्रों को प्रारंभिक दिनों से ही झेलना पड़ रहा है. अब जबकि मामला बिहार विधान परिषद में भी जोर शोर से उठाया गया. इसके बाद विभाग द्वारा फरमान जारी किया गया कि जिला शिक्षा कार्यालय को विद्यालय भवन से अलग संचालित किया जायेगा. इसके उपरांत जिला प्रशासन हरकत में आया. साथ ही आनन- फानन में शिक्षा कार्यालय को स्थानांतरित किये जाने की दिशा में पहल प्रारंभ कर दी है. सूत्रों के मुताबिक अब शिक्षा कार्यालय का नया ठिकाना मुख्यालय स्थित बिजया भारती होटल में होना बताया जा रहा है. वहीं शिक्षा कार्यालय के अन्यत्र स्थानांतरण की बात सुनने पर जर्जर छात्रावास में रह रहे छात्रों को समुचित तरीके का कमरा उपलब्ध होगा.
एक मई को जिला शिक्षा कार्यालय विजया भारती होटल में स्थानांतरित किया जा रहा है. विभागीय निर्देश के उपरांत कार्यालय को स्थानांतरित किये जाने की तैयारी की जा रही है. अब जिला शिक्षा कार्यालय का नया ठिकाना विजया होटल होगा.
मो हारुण, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल

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