ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

हादसा. आक्रोशित ग्रामीण कर रहे थे मुआवजे की मांग पिपरा थाना अंतर्गत निर्मली पंचायत के रामघाट टोला के समीप रविवार को ट्रक और ऑटो की सीधी टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गयी. जबकि इस दुर्घटना में 11 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच 327ई को जाम […]

हादसा. आक्रोशित ग्रामीण कर रहे थे मुआवजे की मांग

पिपरा थाना अंतर्गत निर्मली पंचायत के रामघाट टोला के समीप रविवार को ट्रक और ऑटो की सीधी टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गयी. जबकि इस दुर्घटना में 11 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच 327ई को जाम कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर मृतक व दुर्घटना में जख्मी के परिजन भी जाम स्थल पर पहुंच गये.
सुपौल/कटैया-निर्मली : निर्मली पंचायत में रामघाट के समीप हुई इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच 327ई को जाम कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर मृतक व दुर्घटना में जख्मी के परिजन भी जाम स्थल पर पहुंच गये. लगभग चार घंटे तक रहे जाम की वजह से उक्त सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. जाम कर रहे लोगों का मांग था कि घटना मृतक के परिजन को 10 लाख व घायलों का सरकारी स्तर पर मुफ्त इलाज की मांग कर रहे थे. जाम की सूचना पर पहुंचे
थानाध्यक्ष पिपरा व अंचलाधिकारी रमेश कुमार सिंह तत्काल मृतक को 20 व 03 हजार रुपये मुआवजे पर देने की बात की. बावजूद प्रदर्शनकारी घटना स्थल पर डीएम व एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे. थानाध्यक्ष व अंचलाधिकारी द्वारा काफी प्रयास के बाद प्रदर्शनकारी ने जाम को खत्म किया.
अस्पताल में दिखा अफरातफरी का माहौल : घटना के बाद सदर अस्पताल सुपौल लाये गये मृतक व घायलों की सूचना मिलने पर उनके परिजन अस्पताल पहुंचने लगे. परिजनों के पहुंचने के साथ ही अस्पताल का माहौल पूरा गमगीन हो गया. हर तरफ चिखने व चिल्लाने की आवाज सुनायी दे रही थी. हद तो तब हो गयी जब जख्मियों को अस्पतला में भर्ती कराया गया तो अस्पताल में दो स्वास्थ्य कर्मी शंकर व चंदन के साथ चिकित्सक एएसपी सिन्हा ही मौजूद थे.
जिसके जिम्मे सभी घायलों का इलाज किया जाना था. चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी के सामने भी ऊहापोह की स्थिति थी. क्योंकि अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य कर्मियों से इतने घायलों का एक साथ इलाज करना संभव नहीं था. हैरत की बात है कि इतनी बड़ी घटना होने के 01 घंटा बाद अन्य चिकित्सक अस्पताल पहुंचे.
अस्पताल के हालात ऐसे थे कि वहां गंभीर अवस्था में जख्मी के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी. अस्पताल परिसर में हर तरफ जख्मी व मृतक की लाशे के फर्स पर पड़ी थी. मौके पर मौजूद डॉ एएसपी सिंहा ने बताया कि ऑक्सीजन कम रहने के कारण थोड़ी समस्या हुयी. चार घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उसे डीएमसीएच रेफर कर दिया है. वही बाकि घायलों की स्थित खतरे से बाहर है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >