परेशानी. कीचड़ में तब्दील हुई शहर की कई सड़कें, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल
बेमौसम बारिश की वजह से शहर के कई सड़कों पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी है. वहीं कई कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो चुकी हैं. इसके अलावा बारिश की वजह से किसानों को भी काफी नुकसान पहुंचा है.
सुपौल : गुरुवार की अहले सुबह हुई बारिश ने शहर की सूरत को बिगाड़ कर रख दिया है. वही इसके साथ ही नगर परिषद के दावों की भी हवा निकल गयी है. दरअसल शहर के कई सड़कों पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी है. वही कई कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो चुकी हैं. इसके अलावा बारिश की वजह से किसानों को भी काफी नुकसान पहुंचा है. करीब छह घंटे तक हुई बारिश के बीच आम जनजीवन भी खासा प्रभावित हुआ है. इसके अलावा लगभग पूरे दिन लोगों को भगवान भाष्कर के दर्शन नहीं हुए.
दिन के करीब एक बजे मौसम कुछ साफ हुआ, जिसके बाद जनजीवन पटरी पर लौटा. इस बीच लोगों के लिए राहत भरी बात यह रही कि बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गयी. बावजूद बाजार में लोगों की चहल-पहल सामान्य से काफी कम रही.गुरुवार को झमाझम बारिश के कारण शहर के अधिकतर गली-मुहल्लों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी. जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. परेशानी की वजह यह रही कि अधिकतर मुहल्लों में जलनिकासी के लिए नाला उपलब्ध नहीं है. वही जहां नाला है, वहां भी जाम की समस्या लोगों के लिए सिरदर्द साबित हुई.
कुछ हिस्सों में जलजमाव के कारण पक्की सड़क पर भी कीचड़ जम गया. वही कच्ची सड़कें पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गयी. जिसकी वजह से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. सबसे ज्यादा गंभीर समस्या वार्ड नंबर सात न्यू कॉलोनी का है. जहां सामान्य दिनों में भी जलजमाव की समस्या रहती है. आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को 11.15 एमएम बारिश दर्ज की गयी. जो इस साल का सर्वाधिक है. हालांकि इस बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
गेहूं और मूंग की फसल को नुकसान
गुरुवार की सुबह करीब 05:20 बजे आंधी के साथ झमाझम बारिश की शुरुआत हुई, जो करीब छह घंटे तक जारी रही. जिसकी वजह से गेहूं व मूंग की फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान है. विशेष तौर पर निचले इलाके वाले खेतों में पानी जमा हो जाने के कारण मूंग की फसल प्रभावित होगी. जबकि वैसे किसान, जिन्होंने गेहूं की कटाई नहीं की है अथवा तैयार नहीं किया है, वैसे किसानों को भी क्षति पहुंचना तय माना जा रहा है. हालांकि जिला कृषि विभाग यह दावा कर रहा है कि बारिश से किसानों का बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है. बावजूद सर्वे करा कर जांच रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है. गुरुवार को हुई झमाझम बारिश की वजह से जहां एक ओर किसानों को नुकसान पहुंचा है और उनमें मायूसी छायी हुई है. वही दूसरी ओर कुछ किसान ऐसे भी हैं, जिनके लिए यह बारिश वरदान साबित हुआ है. बारिश के कारण आम, लीची और केला जैसे फसलों को काफी फायदा पहुंचने की उम्मीद है.
