मनमानी. सरकारी जमीन पर अतिक्रमणकािरयों का कब्जा
सरकार द्वारा जिले के कई पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का िनर्माण कराया जाना है. लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है. सरकारी जमीन पर अितक्रमणकारियों का कब्जा है.
सुपौल : जिले भर के कई पंचायतों में पंचायत सरकार भवन के निर्माण का लक्ष्य सरकार व विभाग द्वारा रखा गया है. इन भवनों का निर्माण कार्य वर्ष 2012-13 व 2013-14 में प्रारंभ किया गया. चिह्नित पंचायतों में भवन निर्माण कार्य ससमय पूर्ण कराये जाने को लेकर विभाग द्वारा राशि का भी आवंटन कर दिया गया, लेकिन फिलवक्त कई ऐसे पंचायत शेष हैं, जहां पर कतिपय कारणों से पंचायत सरकार भवन निर्माण का पूर्ण नहीं कराया जा सका है.
कुछ ऐसा ही मामला सदर प्रखंड के बकौर पंचायत में है. इस समस्या को दूर कराने के लिए सोमवार को स्थानीय मुखिया मो कादिर ने पंचायतवासियों के साथ बैठक की, जहां स्थानीय लोगों सहित जन प्रतिनिधियों द्वारा सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए विभागीय पहल अपेक्षित है. बैठक में सरपंच घनश्याम मंडल, कृष्ण कांत झा, गजेंद्र यादव, डॉ डीएन सिंह, उमा मिश्र, राम सुंदर पंडित, राजेंद्र चौधरी, विनोद वर्मा, सुशील महतो, पंचायत समिति सदस्य व वार्ड सदस्य, वार्ड पंच आदि उपस्थित थे.
निर्माण कार्य में अतिक्रमण बनी है बाधा :
गौरतलब हो कि बकौर पंचायत में हाट से उत्तर खाता संख्या 159 व खेसरा संख्या 1281 बिहार सरकार की बड़ी रकबा वाली भूमि है, जहां कई दशकों पूर्व सरकार द्वारा ग्राम कचहरी भवन निर्माण कराया गया था. उक्त भवन की स्थिति जर्जर है. वहीं हाट परिसर सहित उक्त भूमि को दशकों पूर्व भूमिहीन परिवारों द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया. साथ ही सरकार द्वारा पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य को लेकर विभाग द्वारा उक्त भूमि का चयन किया गया. पंचायत सरकार भवन की राशि आवंटन के पश्चात वर्ष 2014 में संवेदक द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ किये जाने की तैयारी भी की गयी. लेकिन अतिक्रमण कारियों ने निर्माण कार्य का विरोध विरोध कर संवेदक के कार्य को रोक दिया. जिस कारण अब तक पंचायत सरकार निर्माण कार्य पर ग्रहण लगा हुआ है.
कहते हैं मुखिया: मुखिया मो कादिर ने बताया कि निर्माण कार्य पूर्ण कराये जाने के लिए बीते 24 अक्तूबर को जिला पदाधिकारी के साथ बैठक हुई थी, जहां उन्होंने मामले के निबटारे को लेकर एक सप्ताह का समय लिया था. बीते 27 अक्तूबर को भी उन्होंने पंचायतवासियों के साथ बैठक की, लेकिन कतिपय कारणों ने पुन: उन्होंने सोमवार को बैठक का आयोजन किया.
बैठक में आये लोग.
भूमिहीन नहीं कर रहे जमीन खाली
बैठक में उपस्थित लोगों ने बताया कि पंचायत सरकार भवन के लिए चयनित स्थलों को नरेश मंडल द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है. कई वर्ष पूर्व में ही अंचलाधिकारी द्वारा बकौर स्थित हरिजन कॉलोनी के गैर मजरुआ खास की जमीन का परचा श्री मंडल को उपलब्ध करा दिया गया है. बावजूद इसके पंचायत सरकार भवन की जमीन को खाली नहीं कर रहे है. साथ ही भवन निर्माण कार्य को बाधित कर रहे हैं. लोगों ने यह भी बताया कि जिला पदाधिकारी द्वारा इस दिशा में ठोस पहल नहीं किया गया तो वे सभी बाध्य होकर सामूहिक रूप से अनशन पर उतारु होंगे.
