अवहेलना. देखरेख नहीं होने से दम तोड़ रही योजना
सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद हकीकत है कि एमडीएम योजना का अब तक सही रूप से संचालन नहीं किया जा रहा है.
सुपौल : सरकार द्वारा विद्यालय में बच्चों को भोजन उपलब्ध करा कर उनकी उपस्थिति में वृद्धि के उद्देश्य से एमडीएम योजना प्रारंभ की गयी. मध्याह्न भोजन स्कीम छात्रों के ज्ञानात्मक, भावात्मक और सामाजिक विकास में मदद करता है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन ही जब उदासीन हो जाये तो ऐसे में बच्चों का समुचित तरीके से पठन-पाठन पर असर दिखना लाजिमी है. सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद हकीकत है कि एमडीएम योजना का अब तक सही रूप से संचालन नहीं किया जा रहा है.
वहीं समुचित देखरेख के अभाव में यह योजना विद्यालय प्रधान व संबंधित शिक्षकों के लिए खाओ-पकाओ योजना बन कर रह गयी है. शुक्रवार को ऐसा ही सदर प्रखंड स्थित संचालित मध्य विद्यालय बसविट्टी में गया. जहां विभागीय मीनू से अलग विद्यालय प्रबंधन के मनमरजी के अनुरूप बच्चों को भोजन परोसा गया.
बच्चों को नहीं मिल रहा योजना का मानक अनुरूप लाभ : उक्त विद्यालय में संचालित एमडीएम के बारे में कई अभिभावकों ने बताया कि मध्याह्न भोजन को लेकर विभाग द्वारा मीनू तालिका जारी कर दी गयी है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों को मीनू अनुरूप भोजन नहीं परोसा जा रहा है. एमडीएम योजना के तहत शुक्रवार को विभागीय मानक अनुरूप बच्चों को पुलाव, छोला व सलाद परोसा जाना था, लेकिन विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों को सादा चावल व आलू-चना की सब्जी खिलायी गयी. लोगों ने यह भी बताया कि विभाग द्वारा जारी मीनू के अनुपालन को लेकर कई बार उन सबों ने विद्यालय प्रधान से शिकायत की, लेकिन विद्यालय प्रधान द्वारा इस दिशा में पहल नहीं किया जा रहा. विद्यालय में थाली का भी अभाव है. जिस कारण बच्चे कागज के प्लेट में प्रतिदिन भोजन करते रहे हैं.
लागत दर संशोधित, गुणवत्ता में नहीं हो रहा सुधार : जानकारों की माने तो मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को दिये जा रहे मिड-डे मील योजना के तहत दोपहर के भोजन की लागत दरों में नवीन शिक्षा सत्र 2016-17 में 07 फीसदी बढ़ोतरी की गयी है. ताकि विद्यालय प्रबंधन को मीनू अनुरूप एमडीएम के संचालन में परेशानी न हो. बावजूद इसके उक्त विद्यालय प्रबंधन द्वारा मीनू अनुरूप एमडीएम का संचालन नहीं कराया जा रहा है.
उक्त मामले में अभिभावकों द्वारा विभाग को लिखित शिकायत नहीं की गयी है. विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया जा रहा है, तो जांचोपरांत कार्रवाई की जायेगी.
संजीव कुमार निराला, प्रखंड एमडीएम प्रभारी, सुपौल
