भाग्यशाली होते हैं, जो पा जाते हैं टिकट

लापरवाही. सुपौल रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर है बिचौलियों का बोलबाला सुपौल रेलवे स्टेशन पर इन दिनों आरक्षण टिकट की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है. सुपौल : त्योहारों के इस मौसम में रेलयात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ने से रिजर्वेशन काउंटर पर भीड़ जुट रही है. इसका फायदा उठाने में बिचौलिये […]

लापरवाही. सुपौल रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर है बिचौलियों का बोलबाला

सुपौल रेलवे स्टेशन पर इन दिनों आरक्षण टिकट की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है.
सुपौल : त्योहारों के इस मौसम में रेलयात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ने से रिजर्वेशन काउंटर पर भीड़ जुट रही है. इसका फायदा उठाने में बिचौलिये भी पीछे नहीं हैं. सुपौल रेलवे स्टेशन पर इन दिनों आरक्षण टिकट की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है. टिकट के मूल्य के साथ – साथ रेलयात्रियों से हजारों रुपयों की अवैध वसूली की जाती है. हालांकि आम दिनों में भी रेलवे प्लेटफॉर्म से ट्रेन का टिकट हासिल करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.
ऐसे में जब त्योहार का मौसम आता है तो रेल यात्रा कर घर आनेवाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गयी है. वहीं आनेवाले यात्री अपने जाने का टिकट भी सुरक्षित कराना चाहते हैं. ज्ञात हो कि जिले के हजारों लोग दिल्ली, पंजाब सहित अन्य प्रदेशों में रह रहे हैं. दुर्गापूजा, दीपावली व छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के अवसर पर प्रदेश में रहने वाले अपने घर जरुर आते हैं. ऐसे में ट्रेनों का रिजर्वेशन टिकट पाना और भी मुश्किल साबित होता है. सुपौल रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन टिकट की समुचित सुविधा नहीं रहने का खामियाजा स्थानीय लोगों को उठाना पड़ता है.
रविवार को नहीं मिलता है रिजर्वेशन टिकट : रेल मंत्रालय की उदासीनता कहे या रेल यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता. सुपौल रेलवे स्टेशन रविवार के दिन रिजर्वेशन काउंटर का संचालन नहीं किया जाता है. रेलवे की इस निर्णय से जहां यात्री परेशान हो रहे हैं. वहीं यात्रियों के बीच इस बात की चर्चा भी काफी तुल पकड़ रहा है कि रविवार का दिन सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय के लिये अवकाश का दिन हो सकता है. लोग कहते हैं कि जब रविवार को ट्रेन का परिचालन बाधित नहीं किया जाता है
तो आखिर रिजर्वेशन करवाने वाले यात्रियों को टिकट काउंटर बंद कर क्यों परेशान किया जा रहा है? रेलवे के इस बेतुके निर्णय से रेल यात्रियों के बीच आक्रोश पनप रहा है. रविवार के दिन आरक्षण काउंटर बंद रहने के कारण यात्रियों को रिजर्वेशन के लिये सहरसा रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है. ऐसे दलाल रिजर्वेशन काउंटर खोलने के घंटों पूर्व या फिर एक दिन पूर्व से ही काउंटर पर अपना अगला स्थान सुरक्षित कर लेते हैं. कई बिचौलया काउंटर के आगे गमछा एवं बैंच रख कर एक रात पूर्व से ही अड‍्डा जामाये रहते हैं.
नतीजा है कि अधिकांश तौर पर टिकट के लिये लगने वाले लंबी कतार में पहले एवं दूसरे नंबर पर ऐसे ही बिचौलयाें का अधिपत्य होता है.जो शुरूआती दौर में मिलने वाले कंफर्म टिकट लेकर बाद में उसे जरूरतमंद यात्रियों को कई गुणा अधिक पैसे लेकर बेचते हैं. इन बिलयौलियों को रेलवे के कर्मचारी एवं सुरक्षा बलों के साथ सांठ-गांठ रहती है.
मालूम हो कि स्थानीय रेलवे स्टेशन पर यात्री टिकट के लिये एक मात्र रिजर्वेशन काउंटर की स्थापना की गयी है. यह काउंटर भी मात्र छह घंटे के लिये खुलती है. रिजर्वेशन काउंटर के खुलने का समय सुबह आठ बजे से अपराह्न दो बजे तक निर्धारित किया गया है. नतीजा है कि रिजर्वेशन काउंटर पर रेल यात्रियों की भाड़ी भीड़ नीत दिन उमड़ती है. वहीं दो बजे व देर से आये यात्रियों को निराश लौटना पड़ता है. स्थानीय नागरिकों द्वारा रेलवे के उच्च अधिकारियों से कई बार रिजर्वेशन काउंटर का समय चौबीसों घंटे या कम से कम दिन के दो पालियों में करने का अनुरोध किया गया है. लेकिन विभागीय उदासीनता की वजह से यात्रियों की मांग अब तक पूरी नहीं की जा सकी है.
सुविधा बेहतर बनाने की मांग
स्थानीय रेल यात्रियों ने रेल मंत्रालय से सुपौल रेलवे स्टेशन पर टिकट सेवा को बेहतर बनाने की मांग की है. इस बाबत रेल यात्री संघर्ष समिति के नागेंद्र नारायण ठाकुर, युगल किशोर अग्रवाल, संतोष प्रधान, सुरेंद्र नारायण पाठक, पवन अग्रवाल आदि ने विभाग के उच्च अधिकारियों से सुपौल रेलवे स्टेशन पर सप्ताह के सातों दिन एवं चौबीसों घंटे रिजर्वेशन काउंटर खुला रखने का अनुरोध किया है.

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