लापरवाही. निजी क्लिनिक में नवजात की मौत से आक्रोशित हुए लोग
सदर अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक डॉ विनय कुमार के क्लिनिक पर नवजता की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया.
सुपौल : शहर के गुदरी बाजार स्थित एक चिकित्सक के निजी क्लिनिक में गुरुवार की सुबह एक नवजात की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने जम कर बवाल काटा. आक्रोशित परिजन चिकित्सक पर गलत इलाज के साथ-साथ शिशु की मौत के बाद क्लिनिक के कर्मियों पर दुर्व्यवहार करने और कैंची दिखा कर धमकाने का आरोप लगा रहे थे. परिजनों के हंगामें के कारण सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गयी. वहीं लोगों के आक्रोश को देख कर क्लिनिक के संचालक चिकित्सक डॉ विनय कुमार अपने चैंबर में ही बंद हो गये. वहीं मृत नवजात के परिजनों ने बताया कि इस मामले में जिला पदाधिकारी को आवेदन दे कर न्याय की गुहार लगायी जायेगी.
जानकारी अनुसार शहर के वार्ड नंबर 13 स्थित नया नगर मुहल्ला निवासी मिथिलेश कुमार मुखिया की पत्नी बेचनी देवी को 15 सितंबर को सरायगढ़ पीएचसी में प्रसव हुआ था. प्रसव के बाद नवजात की गंभीर स्थिति रहने के कारण परिजन चिकित्सक की सलाह पर उसे ले कर सदर अस्पताल पहुंचे थे. परिजनों ने बताया कि अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक विनय कुमार ने नवजात का उपचार प्रारंभ किया और दवाओं की लिस्ट परिजनों को थमाते हुए सभी दवा अपने निजी क्लिनिक स्थित दुकान में मिलने की बात कही. परिजन निजी क्लिनिक से हजारों रुपये की दवा खरीद कर नवजात का उपचार सदर अस्पताल में करवा रहे थे. परिजनों ने बताया कि 17 से ले कर 21 सितंबर की संध्या तक चिकित्सक ने नवजात के परिजनों से इलाज के नाम पर 21 हजार की वसूली की. बुधवार की संध्या चिकित्सक ने नवजात की स्थिति में सुधार होने की बात कह कर अपने क्लिनिक से डिस्चार्ज कर दिया. गुरुवार की सुबह परिजन एक बार फिर नवजात को लेकर उक्त डॉक्टर के यहां पहुंचे और डॉक्टर द्वारा लिखा गया इंजेक्शन कंपाउंडर से नवजात को लगवाया. इंजेक्शन देने के कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गयी. जिसके बाद परिजन हंगामा करने लगे.
