पिपरा : प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी राजस्व हाट अतिक्रमण से मुक्त होने के बजाय पूरी तरह अतिक्रमणकारियों के आगोश में समा चुका है. प्रतिदिन हाट पर अतिक्रमणकारियों द्वारा पहले तो बांस, फूस का घर बना कर अतिक्रमण किया जा रहा था. अब हाट के मुख्य द्वार से लेकर हाट परिसर में पक्का मकान व टीन की चदरे रख अतिक्रमण को जारी रखे हुए हैं. अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि कोई उन्हें अतिक्रमण करने से रोकने की कोशिश करता तो वे झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं.
हाट पर अतिक्रमण कर बड़े-बड़े घर बनाने की शिकायत स्थानीय लोगों द्वारा जब तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी से किया तो उन्होंने उस समय पदस्थापित सीओ गोरांग कृष्ण से अविलंब हाट परिसर से अतिक्रमण मुक्त कर हाट की जमीन को पैमाइश कराने का आदेश दिया था. उसके बाद दोनों पदाधिकारी का स्थानांतरण हो गया. इधर तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा वर्तमान सीओ रमेश कुमार सिंह को जल्द से जल्द हाट परिसर की भूमि का पैमाइश करवा कर अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया.
अंचल अमीन द्वारा नापी का कार्य शुरू हुआ, इसी बीच एसडीओ राजीव रंजन सिन्हा का तबादला हो गया. फिर हाट नापी बंद होने के साथ अतिक्रमणकारी का हौसला बुलंद हो गया. वर्तमान अनुमंडल पदाधिकारी एनजी सिद्दीकी ने हाट का अवलोकन कराने का आदेश सीओ पिपरा को दिया. लेकिन अब तक हाट परिसर को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा सका. उल्टे हाट पर अब पक्का मकान बना कर अतिक्रमणकारी आराम फरमा रहे हैं. ज्ञात हो कि एनएच 106 एवं एनएच 327 ई सड़क के ऊंचीकरण होने से सड़कों का सारा पानी हाट पर जा लगता है. जिससे पूरा हाट कीचड़मय हो जाता है. हाट पर जाने से लोग कतराते हैं. सब्जी, मांस, मछली, चावल, दाल खरीद के लिये हाट पर तो जाना ही पड़ेगा. अनुमंडल पदाधिकारी सुपौल के पहल पर पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के तहत पूरे हाट पर मिट्टी भरायी के साथ ईंट सोलिंग का कार्य होना है, जो अतिक्रमण के कारण नहीं हो पा रहा है.
