करजाइन : एक तरफ सरकार के निर्देश पर जिला पदाधिकारी जिले के तमाम आंगनबाड़ी केन्द्रों को चुस्त दुरुस्त करने के लिये अधिकारियों की बैठक कर संबंधितों को निर्देश दे रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ राघोपुर प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी डीएम के आदेश को ठेंगा दिखा कर बिना किसी सूचना के राघोपुर परियोजना कार्यालय को ही बंद कर दिया. सवाल है कि प्रखंड स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्र की सारी जिम्मेवारी सीडीपीओ के जिम्मे है. ऐसे में अधिकांश समय पदाधिकारी का गायब हो जाना ना केवल विभाग की लापरवाही को दर्शाता है.
बल्कि संबंधित अधिकारी के कर्तव्य निष्ठा को भी उजागर करता है. इस सन्दर्भ में जब 12 बजे के करीब परियोजना कार्यालय राघोपुर का हाल जानना चाहा तो उक्त समय कार्यालय में ताला लटका पड़ा था. विभिन्न परियोजनाओं के दर्जनों सेविका सहायिका एवं अन्य लोगो ने कार्यालय के पास कार्यालय खुलने के इंतजार में खड़े थे इस बाबत जब सीडीपीओ कुमारी सिमा को उनके सरकारी नंबर पर फोन लगाया तो मोबाइल बंद पाया,
इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार से परियोजना कार्यालय बंद रहने के कारण पूछा गया तो उन्हें भी यह जानकार आश्चर्य हुआ कि वर्तमान समय में पदाधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति इतनी संवेदनहीन बना हुआ है. उन्होंने कहा कि सीडीपीओ द्वारा उन्हें किसी तरह की सूचना नहीं दी गयी है.
