तैयारी. पुलिस सुरक्षा में बिचौलिया गली को किया गया बंद
प्रभात इंपेक्ट
सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष के बगल में गैर कानूनी तरीके से खोला गया दलाल गली के रास्ते को बंद किया गया. गली को बंद करने के दौरान संभावित विरोध से निबटने के लिए सदर थानाध्यक्ष सशस्त्र बल के साथ तैनात थे.
सुपौल : सभ्य समाज का सजग प्रहरी आपका अपना अखबार प्रभात खबर के अथक प्रयास के बाद आखिरकार स्वास्थ्य विभाग की कुंभकरणी निद्रा टूटी और सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष के बगल में गैर कानूनी तरीके से खोला गया दलाल गली के रास्ते को बंद किया गया. गली को बंद करने के दौरान संभावित विरोध से निबटने के लिए सदर थानाध्यक्ष राम इकबाल यादव सशस्त्र बल के साथ मुस्तैद थे.
पुलिस की मुस्तैदी के कारण रास्ता बंद करने का विरोध करने वाले लोग कहीं नजर नहीं आ रहे थे. ज्ञात हो कि सदर अस्पताल परिसर के ठीक बगल स्थित मुहल्ले में एक फरजी महिला चिकित्सक किराये के मकान में निजी क्लिनिक संचालित कर रखी है. इस महिला दलाल और उसके एजेंट के द्वारा सदर अस्पताल उपचार कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को बहला फुसला कर अपने निजी क्लिनिक पर उपचार कराने ले जाया जाता था. जहां इलाज के नाम पर मरीजों का आर्थिक शोषण किया जाता था. महिला दलाल के इस कार्य में अस्पताल के कई कर्मियों की सहभागिता भी खुलकर सामने आ रही थी. अस्पताल से मरीजों को उक्त क्लिनिक ले जाने के लिए पोस्टमार्टम हाउस के इसी गली का उपयोग किया जाता था. वर्षों से चल रही इस गोरखधंधे की वजह से लोगों ने इस गली को दलाल गली का नाम दे रखा था. प्रभात खबर ने इस मामले को जोर शोर से उठाया और लगातार खबर प्रकाशित कर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करवाया. जिला पदाधिकारी वैद्यनाथ यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सिविल सर्जन डॉ रामेश्वर साफी को अविलंब दलाल गली बंद करने आदेश दिया. जिसके बाद अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एन के चौधरी द्वारा इस गली को बंद करवाने का कारगर कदम उठाया गया. पुलिस प्रशासन की सहयोग से रास्ते पर दीवार खड़ी कर दलाल गली के इस रास्ते को बंद करवाया गया. रास्ता बंद होने के बाद सदर अस्पताल परिसर में दलालों की गतिविधियों पर हद तक अकुंश लगने की संभावना दिखाई दे रही है. हालांकि सदर अस्पताल में सुधार के कई अन्य प्रयास की जरूरत बनी हुई है.
पुलिस की मुस्तैदी में कराया जा रहा कार्य.
