गाइड बांध के 1700 मीटर बिंदु के समीप केबीआइसीएल कंपनी द्वारा किये गये कार्य पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को जम कर फटकार लगायी.
सरायगढ़ : एनएच 57 एवं कोसी महासेतु की सुरक्षा के लिए अप स्ट्रीम में निर्मित पूर्वी गाइड बांध के निरोधात्मक कार्य में एनएचएआइ द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर रविवार को डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव बिफर पड़े.
उन्होंने मौके पर मौजूद एनएचएआइ के अधिकारियों को इसके लिए कड़ी फटकार लगायी. कोसी महासेतु के अवलोकन हेतु पहुंचे डिप्टी सीएम महासेतु से पहले ही गाइड बांध की ओर रवाना हो गये. इस दौरान उन्होंने गाइड बांध के शून्य बिंदु से लेकर 1900 मीटर बिंदु तक का जायजा लिया. गाइड बांध के 1700 मीटर बिंदु के समीप पहुंचते ही उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री ललन सिंह गाड़ी से उतर गये और गाइड बांध के नीचे किये गये निरोधात्मक कार्य का बारिकी से जायजा लिया.
ज्ञात हो कि गाइड बांध के 1700 से लेकर 1900 मीटर बिंदु पर पानी का काफी दबाव बना हुआ है. कुछ दिनों पूर्व ही इन्हीं बिंदुओं के बीच बोल्डर क्रेट धंसने के बाद विभाग द्वारा निरोधात्मक कार्य चलाया गया था. जिसके बाद अासपास के लोगों में भय का माहौल व्याप्त हो गया था.
गाइड बांध के 1700 मीटर बिंदु के समीप केबीआइसीएल कंपनी द्वारा किये गये कार्य पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को जम कर फटकार लगायी. मौके पर मौजूद जिला पदाधिकारी को रिपोर्ट करने एवं नियमित रूप से गाइड बांध एवं महासेतु की सुरक्षा का जायजा लेने का निर्देश दिया.
विस्थापितों ने लगायी डिप्टी सीएम से गुहार : जिला मुख्यालय स्थित खरैल मलहद पुनर्वास के विस्थापितों ने रविवार को सरायगढ़ पहुंचे सूबे के उप मुख्यमंत्री से मिल कर विस्थापितों की समस्या के निदान की मांग की. उप मुख्यमंत्री को दिये आवेदन में कोसी विस्थापित समस्या निदान संघ के सदस्यों ने बताया है कि बाढ़ विस्थापितों को खरैल मलहद पुनर्वास में विभाग द्वारा खाली जमीन पर अनुदान राशि दे कर बसाया गया था.अब पुनर्वास कार्यालय द्वारा लूट-खसोट की नीयत से इन विस्थापितों को अवैध करार दिया जा रहा है.जबकि विभाग द्वारा वर्ष 1994 एवं 1998 में जो सर्वे कराया गया था, उसमें नया लेऑट नंबर भी दर्शाया गया है.साथ ही नक्शा भी तैयार किया गया है.
विभाग ने इसे मान्यता भी दे दी थी.अब विभाग द्वारा साजिश के तहत उक्त कागजातों को दबा कर बाढ़ विस्थापितों को परेशान किया जा रहा है.पीड़ितों ने उप मुख्यमंत्री से विस्थापितों की समस्या का स्थायी निदान करने की मांग किया है.मांग करने वालों में संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार यादव, सुभाष कुमार, जय प्रकाश कुमार, महानंद कुमार, प्रभाष कुमार, कुशेश्वर राम, राज कुमार मिश्र, दिनेश प्रसाद कामत, गणेश कुमार, रौशन यादव सहित दर्जनों बाढ़ विस्थापित शामिल हैं.
कमजोर बांध से एनएच को खतरा
एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनोज कुमार पांडेय से गाइड बांध निर्माण एवं इसके सुरक्षा के लिए अब तक किये गये उपायों की जानकारी लेने के बाद उप मुख्यमंत्री ने निरोधात्मक कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सलाह देते हुए कहा कि एनएच 57, कोसी महासेतु एवं कोसी वासियों के हित को ध्यान में रख कर गाइड बांध की सुरक्षा के प्रति गंभीरता से कार्य को पूरा करें. उन्होंने बोल्डर के साइज को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की.
कहा कि पानी के दबाव को छोटा बोल्डर नहीं सह पायेगा और यह बह जायेगा. सुरक्षा गाइड बांध के स्लोप पर मापदंड के अनुरूप क्रेटिंग नहीं किये जाने पर उन्होंने कहा कि इससे बांध एवं एनएच को खतरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि जीओ बैग का उपयोग करने के बजाय उसे कार्यस्थल पर महज शोपीस के लिए रखा गया है,
जो विभागीय लापरवाही को दर्शाता है. डिप्टी सीएम ने निरोधात्मक कार्य पर असंतोष व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया.कहा कि कार्य में कोताही बरदाश्त नहीं की जायेगी. इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, डीएम बैद्यनाथ यादव, एनएचएआइ के पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर नागेश कुमार सिंह, रिजनल ऑफिसर आरपी सिंह, एमडी नीतीश रंजन, टीएल डीपी सिंह, अभियंता जगन्नाथ सिंह, एनके तिवारी, केबीआइसीएल के पीएम मानवेंद्र मिश्रा आदि उपस्थित थे.
