अहिंसा के पथ पर चल कर ज्ञान का होगा बोध : आचार्य फोटो-14,15,16,कैप्सन-कोसी महासेतु पर आचार्य का स्वागत करते अनुयायी, कार्यक्रम को संबोधित करते आचार्य व उपस्थित श्रद्धालु. प्रतिनिधि, सरायगढ़ जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म के 11 वें आचार्य महाश्रमण जी महाराज के आगमन के अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के अनुयायियों, व्यवसायियों व गणमान्य लोगों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया. अहिंसा यात्रा पर निकले महाश्रमण जी महाराज ने शनिवार को निरीक्षण भवन में लोगों को संबोधित करते कहा कि ज्ञान एक प्रकाश है. ज्ञानी पुरुष दूसरों की भलाई में अपना जीवन न्यौछावर कर देता है. कहा कि अहिंसा के पथ पर चल कर समाज को सद्भावना, नैतिकता व नशा मुक्ति का ज्ञान व बोध कराया जा सकता है. जब तक समाज में परस्पर धोखा धड़ी का क्रम जारी रहेगा, तब तक व्यक्ति सुख व शांति का श्वास नहीं ले सकता. कहा कि वर्तमान युग में अनैतिकता एक प्रमुख समस्या के रुप में उभर रही है. चोरी नहीं करना, बेमेल मिलावट ना करना, अपने लाभ के लिए दूसरों को हानि नहीं पहुंचाना , रिश्वत नहीं लेना आदि कई विषयों पर संकल्प लेना आवश्यक है. कहा कि नशा पतन का मुख्य कारण है. इससे शारीरिक , मानसिक, व्यवसायिक, पारिवारिक, सामाजिक आदि अनेक नुकसान होते है. उन्होंने जीवन पथ पर आने वाली समस्याओं पर प्रकाश डालते कहा कि अगर पथ में शूल ना हो तो जीवन का आभास ही नहीं होता. आचार्य ने जन्म को सफल करने हेतु वर्तमान को सफल बनाने का आह्वान किया. इस अवसर पर बीएन इंटर कॉलेज के प्राचार्य अवध नारायण सिंह, मुखिया सुरेश प्रसाद सिंह, सूर्य नारायण मेहता, सुभाष कुमार, सीओ शरत मंडल, जगदेव पंडित, राम प्रसाद मंडल, नारायण रजक सहित सैकड़ों अनुयायी मौजूद थे.
अहिंसा के पथ पर चल कर ज्ञान का होगा बोध : आचार्य
अहिंसा के पथ पर चल कर ज्ञान का होगा बोध : आचार्य फोटो-14,15,16,कैप्सन-कोसी महासेतु पर आचार्य का स्वागत करते अनुयायी, कार्यक्रम को संबोधित करते आचार्य व उपस्थित श्रद्धालु. प्रतिनिधि, सरायगढ़ जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म के 11 वें आचार्य महाश्रमण जी महाराज के आगमन के अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के अनुयायियों, व्यवसायियों व गणमान्य लोगों द्वारा […]
