क्रिसमस मनाने को लेकर तैयारी पूरी

क्रिसमस मनाने को लेकर तैयारी पूरी फोटो-22,23,कैप्सन-सजधज कर तैयार गिरजाघर व यीशु की प्रतीमा.प्रतिनिधि, त्रिवेणीगंजक्रिसमस को लेकर लतौना मीशन व खोरियां मीशन मे ईसाई समुदाय के लोगों ने जम कर तैयारी प्रारंभ कर दी है. दोनों मीशन में त्योहार की तैयारी को लेकर समुदाय के लोगों में खास उत्साह देखा गया. लतौना मीशन के गिरजाघर […]

क्रिसमस मनाने को लेकर तैयारी पूरी फोटो-22,23,कैप्सन-सजधज कर तैयार गिरजाघर व यीशु की प्रतीमा.प्रतिनिधि, त्रिवेणीगंजक्रिसमस को लेकर लतौना मीशन व खोरियां मीशन मे ईसाई समुदाय के लोगों ने जम कर तैयारी प्रारंभ कर दी है. दोनों मीशन में त्योहार की तैयारी को लेकर समुदाय के लोगों में खास उत्साह देखा गया. लतौना मीशन के गिरजाघर परिसर को ईसा धर्म के अनुयायियों ने पूरी तरह सजा कर क्रिसमस की तैयारी को लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली है. जबकि गोशाला निर्माण की तैयारी अंतिम चरण में है. गोशाला निर्माण की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए लतौना मीशन के फादर विसेंट फ्रांसिस ने बताया कि गोशाला प्रभु यीशु के जन्म की झांकी है. जिसे पहली बार इटली के संत सन फ्रांसिस ने इसकी शुरुआत की थी. तब से आज तक यीशु धर्मावलंबियों द्वारा यह झांकी निकाली जाती रही है. फादर ने बताया कि जब भी जहां भी जैसे भी दिन दुखियों को खुशी देने का प्रयास होता है. उनके हालात बदलने की कोशिश की जाती है. तब तब क्रिसमस चरितार्थ होता है. उन्होंने कहा कि क्रिसमस का मतलब ही आनंद होता है. यह संदेश उन दुखियों के लिए होता है. जिन्हें यह एहसास दिलाया जाता है कि तुम्हारे यहां मुक्तिदाता का जन्म हुआ है. यह उस बात का भी प्रतीक है. जो यह संदेश देता है कि अब ईश्वर का राज तुम्हारे निकट है. और तुम्हारी दुख तकलीफों को तुमसे दूर करने आये हैं. कहा क्रिसमस सबके लिए निराशा के बीच आशा, अंधकार के बीच प्रकाश व दुख के बीच सुख के कल्पना का पर्व है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >