मनुष्य की आवश्यकता एक व इच्छाएं अनंत: महाश्रमण जी महाराज

मनुष्य की आवश्यकता एक व इच्छाएं अनंत: महाश्रमण जी महाराज प्रवचन के अंतिम सत्र के दौरान उमड़ा अनुयायियों का सैलाब फोटो -4कैप्सन-प्रवचन देते आचार्यप्रतिनिधि, प्रतापगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित जैन श्वेतांबर तेरा पंथ के 11 वें आचार्य महाश्रमण जी महाराज के प्रवचन के अंतिम सत्र के दौरान शनिवार को अनुयायियों का सैलाब उमड़ पड़ा. आचार्य ने […]

मनुष्य की आवश्यकता एक व इच्छाएं अनंत: महाश्रमण जी महाराज प्रवचन के अंतिम सत्र के दौरान उमड़ा अनुयायियों का सैलाब फोटो -4कैप्सन-प्रवचन देते आचार्यप्रतिनिधि, प्रतापगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित जैन श्वेतांबर तेरा पंथ के 11 वें आचार्य महाश्रमण जी महाराज के प्रवचन के अंतिम सत्र के दौरान शनिवार को अनुयायियों का सैलाब उमड़ पड़ा. आचार्य ने बताया कि मनुष्य की आवश्यकता एक है, जबकि इच्छाएं अनंत रहती हैं. प्राणियों को इच्छाओं पर अंकुश लगाना होगा. अन्यथा, दुखों के द्वार पर भटकते रहना होगा. तेरा पंथ के विद्वान भिक्षु कमल मुनि ने सुड़ियारी स्थित सत्संग भवन में आयोजित सभा में बताया कि संतों के प्रति लोगों में अपार श्रद्धा है. इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि मनुष्य अशांति के माहौल से निकल कर संतों की शरण में जाना चाहता है. कहा कि आचार्य महाश्रमण जी द्वारा हजारों किलोमीटर की पद यात्रा कर जन – जन में सद्भावना, नैतिकता व नशामुक्ति को लेकर जागृति पैदा की जा रही है. इनसान यदि इनसानियत को भूल जाये, तो इस संसार का क्या होगा. मन में अच्छी भावना पैदा हो, तो स्वत: शांति मिलेगी. इस कारण प्राणियों को अपने मन को पवित्र बनाने की दरकार है. मनुष्यों की भावना शुद्ध हो जाये, तो उनका जीवन सफल हो जायेगा.

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