बंध्याकरण शिविर के नाम पर की गयी खानापूर्ति प्रतिनिधि, मरौना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत कुल 30 महिलाओं का सफल ऑपरेशन किया गया. पर, शिविर के नाम पर की गयी खानापूर्ति के कारण मरीज व परिजनों को मुसीबत का सामना करना पड़ा. इस वजह से परिजनों में आक्रोश था. ठंड के इस मौसम में भी समुचित व्यवस्था नहीं रहने से नाराज परिजनों का कहना था कि ठंड काफी बढ़ गयी है. इस मौसम में अस्पताल प्रबंधन द्वारा शिविर आयोजित कर मरीजों को खुले बरामदे पर छोड़ दिया गया. वहीं मरीजों ने बताया कि पीएचसी द्वारा न ही भोजन उपलब्ध कराया गया और न ही रहने की समुचित व्यवस्था ही की गयी. और तो और दवा भी बाहर से ही खरीद कर लाना पड़ा है. शिविर के नाम पर कुछ दवा उपलब्ध करा कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपने कर्तव्य का इतिश्री कर लेते हैं और मरीज के परिजनों को बाहरी दुकानों का चक्कर लगाना पड़ता है. यहां स्वच्छ पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है. अस्पताल का नल खराब रहने के कारण काफी दूर से पानी ला कर पीना पड़ता है. हर वर्ष सरकार के निर्देश पर पीएचसी द्वारा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर महिलाओं को ऑपरेशन के लिए प्रेरित किया जाता है. पर, यहां शिविर में किसी प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध नहीं रहने के कारण मरीज व परिजन ठगे जाते हैं. प्रथम चक्र में प्रखंड की 30 महिलाओं का परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत ऑपरेशन किया गया है. सरकार के निर्देशानुसार शिविर में समुचित व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी है.केपी महासेठ, पीएचसी प्रभारी, मरौना
बंध्याकरण शिविर के नाम पर की गयी खानापूर्ति
बंध्याकरण शिविर के नाम पर की गयी खानापूर्ति प्रतिनिधि, मरौना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत कुल 30 महिलाओं का सफल ऑपरेशन किया गया. पर, शिविर के नाम पर की गयी खानापूर्ति के कारण मरीज व परिजनों को मुसीबत का सामना करना पड़ा. इस वजह से परिजनों में आक्रोश था. […]
