सुपौल : जिला मुख्यालय स्थित अल्पावास गृह से 10 दिसंबर से लापता युवती बुधवार को महिला थाने पहुंची. थानाध्यक्ष प्रेमलता भूपाश्री ने युवती को कब्जे में ले लिया और उससे पूछताछ की. एसडीपीओ वीणा कुमारी ने भी युवती के अचानक अल्पावास गृह से गायब होने के संबंध में विस्तार पूर्वक पूछताछ की.
युवती ने पुलिस को बताया कि अल्पावास गृह में उसे प्रताड़ित किया जा रहा था. इस वजह से उसने वहां से भागने का निर्णय लिया. इसके अलावा युवती ने अल्पावास गृह के अंदर जारी कई प्रकार की अनियमितता का भी खुलासा किया है. महिला थानाध्यक्ष श्रीमती भूपाश्री ने बताया कि युवती को न्यायालय के समक्ष उपस्थित कराया जा रहा है.पूछताछ के दौरान युवती ने पुलिस को दिये बयान में कहा है कि अल्पावास गृह में उसके साथ मारपीट की जाती थी.
साथ ही विभिन्न तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा था. अल्पावास गृह पुरुष भी बेरोकटोक आते जाते हैं, जिसका उसने विरोध किया था. साथ ही अन्य गतिविधियों से क्षुब्ध हो कर उसने इस मामले की लिखित शिकायत डीपीएम से की थी. शिकायत के आलोक में डीपीएम ने अल्पावास गृह पहुंच कर मामले की जांच-पड़ताल भी की थी.
इसके बाद प्रशिक्षण सह पुनर्वास पदाधिकारी रितु कुमारी द्वारा उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. उसने बताया कि वहां रह रही अन्य महिलाओं को भी कर्मियों द्वारा प्रताड़ित किया जाता है. हमेशा से सुर्खियों में रहने वाले अल्पावास गृह के अंदर जारी गतिविधियों का युवती द्वारा किये गये खुलासे के बाद अल्पावास गृह संदेह के दायरे में है.
जहां पुरुषों को रात के समय भी आने-जाने दिया जाता हो, वहां रह रही महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. नियमानुसार अल्पावास गृह के भीतर पुरुषों का प्रवेश वर्जित है. युवती ने इन सब के लिए आरटीओ रितु कुमारी को जिम्मेवार बताया है.
