अधिसंख्य अल्पसंख्यक बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित

अधिसंख्य अल्पसंख्यक बच्चे छात्रवृत्ति से वंचितप्रतिनिधि, सुपौलआये दिन लूट खसोट, भ्रष्टाचार की समस्या सरीखे तौर पर सामने आ रही है. अधिकारी से लेकर बिचौलिये तक इन कार्यों में शामिल होने की बात भी कही जा रही है. बावजूद इसके राशि के गोल-माल व बंदरबांट जैसे शब्दों पर विराम लगता नहीं दिख रहा है. कुछ ऐसा […]

अधिसंख्य अल्पसंख्यक बच्चे छात्रवृत्ति से वंचितप्रतिनिधि, सुपौलआये दिन लूट खसोट, भ्रष्टाचार की समस्या सरीखे तौर पर सामने आ रही है. अधिकारी से लेकर बिचौलिये तक इन कार्यों में शामिल होने की बात भी कही जा रही है. बावजूद इसके राशि के गोल-माल व बंदरबांट जैसे शब्दों पर विराम लगता नहीं दिख रहा है. कुछ ऐसा ही कारनामा जिला स्थित अल्पसंख्यक विभाग का मामला प्रकाश में आया है. सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र – छात्राओं के भविष्य संवारने को लेकर छात्रवृत्ति योजना संचालित है. जो राज्य के सभी मदरसा / संस्थानों में अध्ययनरत प्री मैट्रिक के छात्रों के बीच वितरण ससमय कराया जाना है, ताकि बच्चे सुलभता के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें. पर, वर्तमान समय में विभाग द्वारा इस कार्य में लापरवाही बरती जा रही है. कारण जो भी रहा हो, इस योजना के लाभ से अधिसंख्य बच्चे वंचित हो रहे हैं.प्रधान सचिव सहित अन्य को दी सूचनाअल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को मिलने वाले छात्रवृत्ति को लेकर नगर परिषद क्षेत्र स्थित वार्ड नंबर 23 के मो शकील सहित अन्य ने अल्पसंख्यक विभाग के प्रधान सचिव सहित अन्य विभागों के पदाधिकारियों को लिखित पत्र भेजा है. पत्र में बताया गया है कि सरकार द्वारा प्राप्त राशि को जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग व बिचौलीयों की मिलीभगत से छात्रवृत्ति की राशि की बंदरबांट कर ली जाती है. इसे लेकर पीड़ित पक्ष व बुद्धिजीवियों द्वारा कई बार सवाल उठाया गया, लेकिन बिचौलिया पैसे व पैरवी के बदौलत विभागीय स्तर पर की जा रही कार्रवाई को रद्दी की टोकरी में डलवा देते हैं. परिणाम स्वरूप अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है.

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