सुपौल : लोक आस्था का त्योहार छठ पूजा पोखर, नदी, तालाब व सरोवर के तट पर मनाने की परंपरा रही है. लेकिन घाटों पर निरंतर बढ़ रही जनसंख्या और तालाब व नदी नालों की घटती संख्या के कारण कई श्रद्धालु निज आवासीय परिसर में ही अहाते (अस्थायी छोटा तालाब)बना कर छठ मानने को विवश हुए.
इस बार भी महापर्व के अवसर पर जिला मुख्यालय के दर्जनों श्रद्धालुओं द्वारा इस प्रकार की व्यवस्था कर अस्ताचलगामी व उदीयमान भगवान दिवाकर को अर्ध दिया गया. भक्त जनों ने अहाते को भव्य तरीके से सजा कर उत्साह पूर्वक त्योहार को मनाया.
