सड़क पर बना गड्ढा बना जानलेवा

त्रिवेणीगंज : वर्ष 2008 में कुसहा के समीप तटबंध टूटने के बाद आयी प्रलयंकारी बाढ़ के दौरान बना गड्ढा आज भी लोगों के मन में उस त्रासदी की याद ताजा कर रहा है. प्रखंड के मयूरवा पंचायत के वार्ड नंबर 03 एवं 04 को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क के मुहाने पर बने गड्ढे के कारण […]

त्रिवेणीगंज : वर्ष 2008 में कुसहा के समीप तटबंध टूटने के बाद आयी प्रलयंकारी बाढ़ के दौरान बना गड्ढा आज भी लोगों के मन में उस त्रासदी की याद ताजा कर रहा है. प्रखंड के मयूरवा पंचायत के वार्ड नंबर 03 एवं 04 को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क के मुहाने पर बने गड्ढे के कारण आज भी स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है,

लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इस गड्ढे को भरने की दिशा में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा सकी है. इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है. स्थानीय कमलेश्वरी यादव, सदानंद यादव, मनोज यादव, विंदेश्वरी यादव, बोधाय राम, शकुंती देवी, चंद्रिका देवी, अनिता देवी आदि ने बताया कि वर्ष 2008 से पूर्व दोनों वार्डों के लोग इस मार्ग से आसानी से आवगमन करते थे,

लेकिन त्रासदी के दौरान वार्ड नंबर 02 से वार्ड नंबर 03 एवं 04 को जोड़ने वाली इस सड़क के मुहाने पर पानी के अत्यधिक दबाव के कारण विशाल गड्ढा बन गया. इसके बाद इन तीनों वार्ड के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति यह है कि एक टोले से दूसरे टोले तक जाने के लिए लोगों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. इस गड्ढे को पाटने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक का दरवाजा कई बार खटखटाया गया.

स्थानीय मुखिया से मनरेगा योजना के तहत मिट्टी भराई कर इस गड्ढे को पाटने का अनुरोध किया गया. मुखिया द्वारा गड्ढे की मापी भी करायी गयी, लेकिन इस दिशा में अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई प्रारंभ नहीं की गयी है. ग्रामीणों के अनुसार इस गड्ढे के अगल-बगल बसे लोग काफी दहशत में जी रहे हैं. कई छोटे-छोटे मवेशियों की इस गड्ढे में डूबने की वजह से मौत हो चुकी है. वहीं छोटे -छोटे बच्चों के डूबने का खतरा बना रहता है.उन्होंने जिला प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है.

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