बदहाल है पशु चिकित्सालय, किसान परेशान अधिकांश योजनाएं कागज पर ही सिमट कर रह गयींदूध व घी के लिए कभी मशहूर रहा यह इलाका आज अपनी पहचान खोता जा रहा फोटो-11कैप्सन- बदहाल पड़ा पशु चिकित्सालयप्रतिनिधि, जदिया पशुधन की चिकित्सा को लेकर सरकार द्वारा भवन सहित विभिन्न प्रकार की दवा मुहैया करायी जा रही है. साथ ही चिकित्सा भवन को अत्याधुनिक सुविधा से लैस किया जा रहा है. लेकिन बाजार स्थित किराये के मकान में संचालित पशु चिकित्सालय की स्थिति बदतर बनी हुई है. एक तरफ जहां सरकार द्वारा पशु संवर्धन को लेकर अनेकों योजनाएं संचालित किये जा रहे हैं. वहीं जदिया पशु चिकित्सालय में अधिकांश योजना कागज पर ही सिमट कर रह गया है. संसाधन के अभाव में यह पशु चिकित्सालय किसान सहित पशुपालकों के लिए अनुपयोगी साबित हो रहा है. पशुधन आर्थिक संपन्नता का आधारजिला मुख्यालय से काफी दूरी पर बसे इस इलाके का आर्थिक आधार पशु पालन व कृषि है. दूध व घी के लिए कभी मशहूर रहा यह इलाका आज सरकारी उदासीनता के कारण अपनी पहचान खोता जा रहा है. लेकिन कुसहा त्रासदी के बाद से खास कर दुधारू पशुओं में बांझपन सहित अन्य बीमारियों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है.इस लिहाज से यहां सभी प्रकार के संसाधन युक्त पशु चिकित्सालय की आवश्यकता है. गौरतलब है कि इस पशु चिकित्सालय में एक चिकित्सक संजय सुमन व कंपाउंडर विष्णु देव मेहता पदस्थापित हैं. लेकिन चिकित्सक अक्सर चिकित्सालय से गायब रहते हंै. जिस कारण पशु पालकों को पशुओं के उपचार के लिए निजी व अकुशल ग्रामीण चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ता है.वहीं समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं रहने के कारण पशुपालन से अब लोगों का मोह भंग हो रहा है. नतीजा भी सामने है कि अधिकांश लोग अब पैकेट बंद दूध पर निर्भर रहने लगे हैं.
बदहाल है पशु चिकत्सिालय, किसान परेशान
बदहाल है पशु चिकित्सालय, किसान परेशान अधिकांश योजनाएं कागज पर ही सिमट कर रह गयींदूध व घी के लिए कभी मशहूर रहा यह इलाका आज अपनी पहचान खोता जा रहा फोटो-11कैप्सन- बदहाल पड़ा पशु चिकित्सालयप्रतिनिधि, जदिया पशुधन की चिकित्सा को लेकर सरकार द्वारा भवन सहित विभिन्न प्रकार की दवा मुहैया करायी जा रही है. साथ […]
