सीपेज के कारण हजारों एकड़ खेतिहर जमीन हो रहा बरबाद

सीपेज के कारण हजारों एकड़ खेतिहर जमीन हो रहा बरबाद जल जमाव से परेशान हैं किसान फोटो – 6कैप्सन – सीपेज प्रभावित भूमि पर जल जमाव.प्रतिनिधि, किसनपुरआर्थिक आधार का महत्वपूर्ण हिस्सा कृषि है. सरकार द्वारा कृषि कार्य के विकास को लेकर अलग एक विभाग बनाया गया. जहां से किसानों को सिर्फ मिट्टी के अनुरूप फसल […]

सीपेज के कारण हजारों एकड़ खेतिहर जमीन हो रहा बरबाद जल जमाव से परेशान हैं किसान फोटो – 6कैप्सन – सीपेज प्रभावित भूमि पर जल जमाव.प्रतिनिधि, किसनपुरआर्थिक आधार का महत्वपूर्ण हिस्सा कृषि है. सरकार द्वारा कृषि कार्य के विकास को लेकर अलग एक विभाग बनाया गया. जहां से किसानों को सिर्फ मिट्टी के अनुरूप फसल उगाने की जानकारी उपलब्ध कराया जाना है. बावजूद इसके कोसी के इलाके में किसी प्रकार का पहल नहीं किया जा रहा है. जिस कारण किसानों की स्थिति बदतर बनी हुई है. स्थिति यह है कि पूर्वी कोसी तटबंध के समीप कल्याणपुर से बैरिया मंच तक हजारों एकड़ खेतिहर भूमि सीपेज के कारण प्रभावित है. किसानों का कहना है कि कोसी नदी में पानी बढ़ने के साथ ही कोढ़ली गांव के समीप से सीपेज होना प्रारंभ हो जाता है जो तटबंध के आस पास के हजारों एकड़ भूमि में फैल जाता है. जिस कारण सालों भर खेतों में जल का जमाव देखा जा रहा है. दर्जनों गांवों के किसान प्रभावित पूर्वी कोसी तटबंध के सीपेज की पानी के प्रभाव से दर्जनों गांव के किसानों को कृषक कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. तटबंध से सटे गोपालपुर, छिटही हनुमान नगर, बैसा, कल्याणपुर, सदानंद पुर, पिपरा खुर्द, भपटियाही, गढ़िया, सरायगढ़, खाप, चिकनी, चांद पीपर, अंदौली, बैजनाथपुर, थरिया, थरबिटिया, रतनपुरा, खखई, फुलकाहा, कुली पट्टी सहित अन्य गांवों के किसानों को सीपेज के पानी के कारण फसल उगाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. उक्त गांव के लोगों को खास कर बरसात के मौसम में आवागमन की भी समस्या बनी रहती है.चैनल की खुदाई की मांग लोगों ने बताया कि सिमरी के समीप घाघर नदी में एक चैनल की खुदाई कर दिया जाता तो लोगों को इस समस्या से निजात मिल जायेगा. साथ ही किसानों फसल के साथ – साथ मत्स्य पालन सहित अन्य कार्य कर आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ करेंगे. बताया कि कुछ वर्षों पूर्व उक्त स्थल पर चैनल की खुदाई की जोरों पर थी. लोगों को इस समस्या से निजात पाने को लेकर स्थानीय जन प्रतिनिधियों द्वारा भी आश्वासन दिया गया. लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी व डीडीसी से पहल कर समाधान कराये जाने का आग्रह किया है.

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