जनमानस रेडियो के माध्यम से जाना परिणाम

सुपौल : हे…रे तनिक रेडियो में और आवाज तो बढ़ाओ. चुनाव के नतीजे की घोषणा हो रही है. पता है दो दिन पूर्व ही समाचार पत्रों में विज्ञापन आया था कि मतगणना के दिन रविवार को दस-दस मिनट का विशेष प्रसारण किया जायेगा. ये कहना था बिजली सुविधा से वंचित ग्रामीणों का. कोसी के कई […]

सुपौल : हे…रे तनिक रेडियो में और आवाज तो बढ़ाओ. चुनाव के नतीजे की घोषणा हो रही है. पता है दो दिन पूर्व ही समाचार पत्रों में विज्ञापन आया था कि मतगणना के दिन रविवार को दस-दस मिनट का विशेष प्रसारण किया जायेगा. ये कहना था बिजली सुविधा से वंचित ग्रामीणों का. कोसी के कई इलाके जहां बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है. वहां के लोगों के लिए लोकतंत्र के महापर्व के मतगणना की जानकारी लेने का एक मात्र जरिया रेडियो ही है.
गांव की गलियों से चौपालों व चाय की दुकानों पर सुबह से ही लोग एक जुट होकर अपना कान गड़ाये बैठे थे. साथ ही अपने क्षेत्र के प्रत्याशी सहित अन्य उम्मीदवारों की जीत पर उत्साहित हो रहे थे. प्रत्याशी के आगे चलने व पीछे रहने पर कभी खुशी तो कभी गम का माहौल देखा गया.
लेकिन नतीजे सामने आने के बाद एक दूसरे को कह रहे थे कि हम कहते थे कि कोसी के इलाके के लिए लहर मायने नहीं रखता. जो विकास की बात करेगा, जीत उसी की होगी. वहीं कुछ लोगों का कहना था कि केंद्र की तरह राज्य में भी मोदी को मौका मिलना चाहिए था. यह सुनते ही कुल लोग तपाक से बोल उठते थे कि ई मौका क्या होता है. जो विकास करेगा उसे ही सत्ता सौंपा जाना चाहिए.

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