कई धुरंधरों की प्रतष्ठिा दांव पर

कई धुरंधरों की प्रतिष्ठा दांव पर13 लाख मतदाता करेंगे 52 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसलाआठ नवंबर को होगा फैसला, किसके सिर सजा ताज, कौन औंधे मुंह गिराप्रतिनिधि, सुपौल पांचवें चरण के तहत गुरुवार को जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले मतदान के दौरान जिले के 13 लाख से अधिक मतदाता चुनावी मैदान में […]

कई धुरंधरों की प्रतिष्ठा दांव पर13 लाख मतदाता करेंगे 52 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसलाआठ नवंबर को होगा फैसला, किसके सिर सजा ताज, कौन औंधे मुंह गिराप्रतिनिधि, सुपौल पांचवें चरण के तहत गुरुवार को जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले मतदान के दौरान जिले के 13 लाख से अधिक मतदाता चुनावी मैदान में अपना किस्मत आजमा रहे कुल 52 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे. शाम पांच बजे तक मतदाताओं का निर्णय इवीएम में बंद हो जायेगा. 08 नवंबर को मतगणना के बाद ही फैसला होगा कि जनता ने किसे अपना सरताज बनाया है या किसे औंधे मुंह जमीन पर उतार दिया है. गौरतलब है कि इस चुनाव में इस बार जिले के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है. कुल पांच विधानसभा क्षेत्रों में गुरुवार को मतदान होगा. इसमें निर्मली, पिपरा, सुपौल, त्रिवेणीगंज व छातापुर शामिल हैं. सुपौल विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी व बिहार सरकार के मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव का मुकाबला भाजपा के किशोर कुमार मुन्ना से है. हालांकि यहां कुल नौ प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. इनमें बसपा के जियाउर रहमान, सपा के प्रेम हंस कुमार, वामदल के अरविंद कुमार शर्मा आदि हैं. जदयू विधायक श्री यादव पिछले 25 वर्षों से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी श्री मुन्ना भी पूर्व में विधायक रह चुके हैं. वोटरों की गोलबंदी व बिखराव पर चुनावी परिणाम आने की संभावना जतायी जा रही है. पिपरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी विश्वमोहन कुमार, राजद प्रत्याशी यदुवंश कुमार यादव समेत कुल नौ उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं. इनमें जअपा के मो इद्रीश, बसपा के महेंद्र साह, सपा के मो इजहार आदि शामिल हैं. भाजपा व राजद के उम्मीदवार राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी माने जाते हैं. पूर्व में वे सांसद व विधायक भी रह चुके हैं. लोगों की मानें तो इस चुनाव में तीसरे मोरचे की वोटों में शेयरदारी चुनावी नतीजे को प्रभावित कर सकती है. त्रिवेणीगंज विधानसभा क्षेत्र की स्थिति भी कमोबेश कशमकश वाली है. यहां भी कुल नौ प्रत्याशी मैदान में है. जदयू प्रत्याशी वीणा भारती पहली बार चुनाव लड़ रही हैं, जबकि लोजपा के अनंत कुमार भारती 2010 के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे. निवर्तमान विधायक अमला देवी जदयू के टिकट से वंचित होने के बाद जअपा के टिकट पर भाग्य आजमा रही हैं. अंतिम समय में यहां मामला त्रिकोणात्मक होने से इनकार नहीं किया जा सकता. बसपा के महेंद्र राम, वामदल के उपेंद्र ऋषिदेव भी मैदान में हैं. निर्मली विधानसभा क्षेत्र में इस बार सबसे अधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. यहां कुल प्रत्याशियों की संख्या 14 है. जदयू के सीटिंग विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, भाजपा के राम कुमार राय, जअपा के विजय कुमार यादव, सपा के गौतम कुमार व बसपा के विनोद कुमार साहू आदि शामिल हैं. विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव को जहां माय समीकरण की एकजुटता का भरोसा है, वहीं राम कुमार राय को भाजपा के परंपरागत वोट एवं एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के वोट बैंक पर भरोसा है. वहीं जअपा के विजय कुमार यादव जैसे प्रत्याशी लड़ाई को त्रिकोणात्मक बना सकते हैं. छातापुर विधानसभा क्षेत्र के सीटिंग विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. राजद ने यहां से जहूर आलम को प्रत्याशी बनाया है. पूर्व से सीधा मुकाबला माने जाने वाले इस क्षेत्र में बसपा के अकील अहमद व जअपा के संजय कुमार मिश्रा ने चुनावी समर को रोचक बना दिया है. वोटों का विखंडन किसी भी मुख्य प्रत्याशी के लिए घातक सिद्ध हो सकता है. कुल 11 उम्मीदवार यहां भाग्य आजमा रहे हैं.कुल मिला कर इस चुनाव में जिले का राजनीतिक परिदृश्य काफी कशमकश भरा व रोचक है. कई धुरंधरों की प्रतिष्ठा इस बार दांव पर है. अब देखना है कि जनता जनार्दन गुरुवार को किसे योग्य समझ कर उन्हें अपना समर्थन देती है.

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