कैगर भरना टोला: मूलभूत सुविधाओं से वंचित

कैगर भरना टोला: मूलभूत सुविधाओं से वंचित गुमनामी की जिंदगी जी रहे लोग पेज तीन का लीड फोटो- 14,15,कैप्सन- पेड़ के नीचे पढ़ते बच्चे व जर्जर सड़कों सिमराहीआजादी के कई दशक बीत चुके हैं. राज नेता से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा सूबे में विकास की बयार बहने की बात कही जा रही है. नेताओं द्वारा […]

कैगर भरना टोला: मूलभूत सुविधाओं से वंचित गुमनामी की जिंदगी जी रहे लोग पेज तीन का लीड फोटो- 14,15,कैप्सन- पेड़ के नीचे पढ़ते बच्चे व जर्जर सड़कों सिमराहीआजादी के कई दशक बीत चुके हैं. राज नेता से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा सूबे में विकास की बयार बहने की बात कही जा रही है. नेताओं द्वारा समाज के हाशिये पर बैठे परिवारों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किये जाने का भी वादा किया जा रहा है. पर, राघोपुर प्रखंड स्थित तकरीबन दो हजार की आबादी वाला कैगर भरना टोला आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. यहां के लोग आज भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी आदि जैसे मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है. सरकार व विभागीय उपेक्षा के कारण इस टोले के लोग गुमनामी जिंदगी जीने को विवश हैं. भरना टोला दो पंचायत में है विभाजितसरकार द्वारा सभी क्षेत्र का विकास हो, इसे लेकर जनसंख्या सहित अन्य मसले को लेकर पंचायत व वार्ड का निर्माण किया गया. वजह जो भी रही हो सीमित जनसंख्या के आधार पर बनाये जाने के बावजूद भी पंचायत व वार्ड का समुचित विकास नहीं हो पाया है. हैरत की बात यह है कि कैगर भरना टोला की आधी आबादी आज हुलास पंचायत का हिस्सा है, तो आधा हिस्सा डूमरी पंचायत का बना हुआ है. बावजूद इसके भरना टोलावासियों को किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं करायी गयी है.पेड़ के नीचे होती है पढ़ाईवर्षों से पठन – पाठन को लेकर सरकार द्वारा विद्यालय खोले जाने की पहल की गयी, लेकिन विद्यालय के लिए भूमि के अभाव में भवन निर्माण कार्य नहीं हो सका है. ऐसी परिस्थिति में पठन-पाठन का कार्य पेड़ के नीचे या खाली पड़े शेड या फिर झोपड़ी में होता है. स्थानीय रामचंद्र यादव, नथुनी यादव, मनोज यादव, लाल देव यादव, देव नारायण मंडल आदि ने बताया कि बच्चों के शिक्षा के निमित्त विभाग द्वारा दो प्राथमिक विद्यालय व दो आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जा रहा है. प्राथमिक विद्यालय को भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण मध्य विद्यालय हुलास में मर्ज कर दिया गया. जहां विद्यालय की दूरी अधिक होने की वजह से छात्रों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी हो रही है. वहीं प्राथमिक विद्यालय डुमरी का शैक्षणिक संचालन कभी पेड़ के नीचे या फिर झोपड़ी में कराया जा रहा है. बिजली व सड़क की सुविधा से महरूम प्रत्येक परिवारों को बिजली की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार द्वारा कई तरह की विद्युतीकरण योजना संचालित की गयी है. यहां तक कि ग्रामीण स्तर पर बीपीएल परिवारों को भी कम खर्च पर बिजली का लाभ दिया जा रहा है. ऐसा नहीं है कि हुलास व डुमरी पंचायत में विद्युतीकरण का कार्य नहीं कराया गया है. लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इस भरना टोला के परिवारों को आज भी ढ़िबरी युग में जीने की विवशता बनी हुई है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >