छातापुर : मुख्यालय स्थित उप डाक घर किराये के जर्जर भवन में दशकों से संचालित है. भवन की जर्जर स्थिति और दीवार क्रेक रहने के कारण जहां हादसे कि आशंका बनी हुई है. वहीं डाकपाल सहित सभी कर्मी खौफ के साये में कार्य निष्पादन करने को विवश हैं. कार्य अवधि कै दौरान आम लोगों की भी भीड़ लगी रहती है.
ऐसा नहीं है कि भवन कि स्थिति को लेकर विभागीय अधिकारियों को अवगत नहीं कराया गया है, बावजूद विभाग भवन उपलब्ध कराने को लेकर गंभीर नहीं हो पा रहा है. हाल के वर्षों में विकास के साथ-साथ विभिन्न विभागों को भवन व संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर सरकारें गंभीर भी दिखीं,
लेकिन आमलोगों के लिए महत्वपूर्ण यह डाक विभाग आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. कहते हैं उप डाकपाल उप-डाकपाल अरुण कुमार मिश्र बताते हैं कि तीन सौ रुपये प्रति माह के किराये पर लिए गये छोटे भवन में यह उप डाकघर कई दशक से संचालित है. इस कारण कार्य निष्पादन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. किराया कम रहने के कारण भवन मालिक भी मरम्मत नहीं करते हैं.
नतीजा है कि सभी कर्मियों को इस जर्जर भवन में खौफ के बीच काम करने कि बाध्यता है. उनके अलावे पूर्व के उप डाकपालों द्वारा भी वरीय अधिकारियों को भवन की स्थिति बताते हुए नये भवन की मांग की गयी,
लेकिन स्थिति यथावत बनी हुई है. कहते हैं अधिकारीइस बाबत डाक अधीक्षक सहरसा शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि जर्जर भवन रहने की जानकारी उनके संज्ञान में है. प्रखंड मुख्यालय में नया भवन खोजने के लिए उप डाकपाल को निर्देश दिया गया है. बाजार भाव के हिसाब से नया भवन किराये पर लेकर जल्दी ही उसमें शिफ्ट कर दिया जायेगा.
