बसंतपुर : कोसी बराज के समीप भारत -नेपाल सीमा पर हर वर्ष की भांति इस बार भी दशहरा के मौके पर दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन किया गया है. यहां बराज निर्माण से पूर्व ही माता के मंदिर की स्थापना हुई थी. आज भी माता का मंदिर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है.
कोसी की उप नगरी कहे जाने वाले भीमगनर में बीते 58 वर्षों से शास्त्र के अनुसार पूजा -अर्चना होती है. उसी समय के कोसी रेलवे में कार्यरत कर्मचारी भरत तिवारी द्वारा 1957 ई में माता के इस मंदिर की स्थापना की गयी थी और तब से लेकर आज तक निरंतर पूजा – अर्चना होती रही है. दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष नेहरु राय, सचिव नोकुल रुद्र, कोषाध्यक्ष संजीव ठाकुर, उप कोसा अध्यक्ष गोकुल रुद्र बताते हैं कि बाढ़ के समय जब पूरा इलाका डूबा हुआ था उस समय भी मंदिर में माता की भेंट चढ़ायी गयी थी.
बताया कि इस बार भी पूर्व की भांति सारी तैयारी पूरी कर ली गयी है. मंदिर में दर्शन व पूजा -अर्चना हेतु श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. उपस्थित सदस्य सुमित राहा, सुकूल रुद्र, विपूल रुद्र राय, अनोज, गणेश, मुकेश, राजू गुप्ता, राकेश , धीरेंद्र, नीरज कुमार, संजीव ठाकुर, चमन झा, पिंटू झा, रंजीत ठाकुर, मदन कुमार, अर्जुन सोनी, वासकी ,अजय साह, राजेंद्र साह आदि सक्रिय रूप से सहयोग कर हैं.
