प्रेक्षक ने प्रत्याशियों को निर्वाचन से संबंधित सभी अभिलेखों का संधारण करने के अलावे 30 दिनों के भीतर लेखा-जोखा समर्पित करने को कहा. कहा कि बिना अनुमति लिये किसी भी प्रकार की रैली, वाहनों पर पोस्टर, फ्लैग, लाउडस्पीकर, हेलीकॉप्टर लैंडिंग, फ्लैग मार्च आदि की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जायेगी.
किसी दल अथवा अभ्यर्थी द्वारा चुनाव की अवधि में जाति, समुदाय, धर्म, भाषा के आधार पर लोगों की बीच घृणा को बढ़ावा किसी भी हाल में नहीं दिया जाय.उन्होंने कहा कि जाति को उभार कर वोट प्राप्त करने की प्रवृति को एमसीसी का स्पष्ट उल्लंघन माना ायेगा. चुनाव अभियान के तहत किसी भी स्थिति में मस्जिद, चर्च, पूजा स्थल आदि को चुनाव प्रचार-प्रसार का स्थल नहीं बनाया जा सकता है.
अभ्यर्थियों के अस्थायी कार्यालय में सिर्फ एक फ्लैग और एक बैनर ही लगाया जाना है एवं गंठबंधन दल अपने वाहन पर एक जगह ही झंडा व पोस्टर लगा सकते हैं.चुनाव कार्य में बाल श्रमिक का उपयोग वर्जित है. सभी दलों को अपने-अपने स्टार प्रचारक की जानकारी निर्वाचन शाखा में देंगे.
इन स्टार प्रचारकों के प्रचार में होने वाले खर्च उम्मीदवार के खर्च में शामिल किया जायेगा. मौके पर सहायक निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसीएलआर सुधांशु शेखर, अवर निवार्ची पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह के अलावे सभी प्रत्याशी उपस्थित थे.
