जर्जर किराये के भवन में संचालित हो रहा उप डाक घर फोटो-24कैप्सन- डाक घर का जर्जर भवनछातापुरमुख्यालय स्थित उप डाक घर किराये के जर्जर भवन मे दशकों से संचालित हो रहा है. भवन की जर्जर स्थिती और दीवार कई स्थानों पर क्रेक रहने के कारण जहां हादसे की आशंका बनी रहती है वहीं डाकपाल सहित सभी कर्मी खौफ के साये मे कार्य निष्पादन करने को विवश हैं.कार्य अवधि कै दौरान आम लोगों की भी भीड़ लगी रहती है.ऐसा नहीं है कि कि भवन की इस स्थिति से विभागीय अधिकारी अवगत नहीं हैं.कई बार इस समस्या से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है. बावजूद इसके विभाग भवन उपलब्ध कराने के प्रति उदासीन है. हाल के वर्षों में विकास के साथ -साथ विभिन्न विभागों को भवन व संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर सरकार गंभीर दिखी.लेकिन आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण यह डाक विभाग आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है.उप डाक घर तथा इससे जुड़े 12 शाखाओं में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है.पर्याप्त संख्या में कर्मी भी पदस्थापित हैं.हाल के दिनों में इस उप डाक घर को कंप्यूटरीकृत कर इंटरनेट से भी जोड़ दिया गया है.लेकिन भवन उपलब्ध कराने मे विभाग उदासीन रवैया अपना रहा है. कहते हैं उपडाकपाल उप डाकपाल अरुण कुमार मिश्र बताते हैं कि तीन सौ रुपए प्रति माह के किराये पर लिए गये छोटे से भवन मे यह उप डाक घर कई दशक पूर्व से संचालित है. जिस कारण कार्य के निष्पादन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.किराया कम रहने के कारण मकान मालिक भी मरम्मती करने को तैयार नहीं हैं. नतीजा है कि सभी कर्मियों को इस जर्जर भवन में खौफ के बीच काम करने कि विवशता बनी है.बताया कि उनके अलावे पूर्व के उप डाकपालों द्वारा भी कई बार वरीय अधिकारियों को भवन की स्थिति से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की गयी.शुकन्या समृद्धि योजना है बेहतर उप डाकपाल श्री मिश्र बताते हैं कि डाक कार्य के अलावे नये पुराने विभिन्न लाभकारी योजनाओं सहित अन्य कार्यों को लेकर दर्जनों लोग कार्य दिवस मे पहुंचते हैं.आवर्ति जमा, किसान विकास पत्र, राष्ट्रिय बचत पत्र, सावधि जमा एवं मासिक आय योजना के अलावे खासकर बच्चियों की भविष्य के लिए शुरू कि गई नयी शुकन्या समृद्धि योजना में लोगों की ज्यादा दिलचस्पी देखी जा रही है. इस योजना की जानकारी देते उन्होंने बताया कि बच्ची की जन्म के प्रथम साल से 14 वर्षों तक प्रति माह एक-एक हजार रुपये जमा करने पर 21 वर्ष आयु के बाद छह लाख 15 हजार 786 रुपये का भुगतान किया जाता है.जिसमें कुल जमा राशि 01 लाख 69 हजार के साथ चार लाख 47 हजार 786 रुपये ब्याज के रूप में दिया जाता है. कहते हैं अधिकारीइस बाबत पूछने पर डाक अधीक्षक सहरसा शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि भवन जर्जर रहने की जानकारी उनके संज्ञान में है.प्रखंड मुख्यालय मे नया भवन खोजने के लिए उप डाकपाल को निर्देश दिया गया है.बाजार भाव के हिसाब से नया भवन किराये पर लेकर जल्द ही शिफ्ट करा दिया जायेगा.
जर्जर किराये के भवन में संचालित हो रहा उप डाक घर
जर्जर किराये के भवन में संचालित हो रहा उप डाक घर फोटो-24कैप्सन- डाक घर का जर्जर भवनछातापुरमुख्यालय स्थित उप डाक घर किराये के जर्जर भवन मे दशकों से संचालित हो रहा है. भवन की जर्जर स्थिती और दीवार कई स्थानों पर क्रेक रहने के कारण जहां हादसे की आशंका बनी रहती है वहीं डाकपाल सहित […]
