फोटो – 02,03कैप्सन- प्रमाणपत्र देते सीएस व उपस्थित प्रतिभागी.प्रतिनिधि, सुपौलराष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में रविवार को चार दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हुआ. प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों को सिविल सर्जन डॉ यूएस मधुप ने प्रमाण पत्र दिया. सीएस डॉ मधुप ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य जांच कर मुफ्त दवा व रेफरल सुविधा प्रदान की जानी है. प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अलग से दो चलंत चिकित्सा दल का गठन किया जा रहा है. दल में दो आयुष चिकित्सक, एक एएनएम, एक फर्मासिस्ट रहेंगे, जो आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यक्रम को सफल बनायेंगे. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य में गुणात्मक वृद्धि प्रदान करना, विकार युक्त बच्चों का समुचित इलाज कर उनमें अंतर्निहित शारीरिक एवं बौद्धिक क्षमता को उजागर करना है. प्रशिक्षक डॉ एके वर्णवाल, डॉ मनीष भारती, डॉ सुधीर कुमार गुप्ता थे. जिनके द्वारा प्रतिभागियों को प्रखंडों में कार्य कैसे करना है, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में बच्चों के जांच की विधि तथा शून्य से छह वर्ष तथा शून्य से 18 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य कार्ड के बारे में बताया गया. मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ सीके प्रसाद, जिला नोडल पदाधिकारी पंकज कुमार झा, दिवाकर ठाकुर, मुनेश्वर झा, राजेश कुमार आदि उपस्थित थे.
चार दिवसीय प्रशिक्षण का समापन
फोटो – 02,03कैप्सन- प्रमाणपत्र देते सीएस व उपस्थित प्रतिभागी.प्रतिनिधि, सुपौलराष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में रविवार को चार दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हुआ. प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों को सिविल सर्जन डॉ यूएस मधुप ने प्रमाण पत्र दिया. सीएस डॉ मधुप ने बताया कि राष्ट्रीय […]
