राज्य के 47 मॉडल संस्कृत विद्यालय सभी संसाधनों से होंगे लैस : मृत्युंजय झा

स्वागत समारोह का संचालन संजय कुमार मिश्र ने किया

सरायगढ़. प्रखंड क्षेत्र के ललित नारायण स्मारक प्राथमिक सह मध्य संस्कृत विद्यालय, मुरली में रविवार को बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा के स्वागत समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन अध्यक्ष मृत्युंजय झा, पूर्व मुखिया विजेंद्र यादव और बद्रीनारायण यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. समारोह को संबोधित करते हुए बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि वे बिहार के 28 जिलों का दौरा कर संस्कृत विद्यालयों की जमीनी स्थिति का आकलन कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में 47 मॉडल संस्कृत विद्यालयों को सभी संसाधनों से लैस करने और 50 संस्कृत विद्यालयों को टेन प्लस टू (उपशास्त्री-शास्त्री) में अपग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत विद्यालय आकर्षण का केंद्र होने चाहिए, जहां स्वच्छता हो, दीवारों पर संस्कृत श्लोक लिखे जाएं और विद्यालय का वातावरण देवस्थान की तरह हो. साथ ही, नए पाठ्यक्रम में रामचरितमानस, भागवत गीता और योग को शामिल करने की तैयारी चल रही है. स्वागत समारोह का संचालन संजय कुमार मिश्र ने किया. कार्यक्रम में पंडित आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र, चंद्रशेखर झा, शंभू पाठक, कुशेश्वर पाठक, सत्यनारायण यादव, योगेंद्र यादव, राजन झा, बिंदेश्वर अरगरिया, फूलदेव यादव, जितेंद्र झा, उपेंद्र कुमार यादव समेत बड़ी संख्या में संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं सेवानिवृत्त शिक्षक उपस्थित रहे. शिक्षकों ने सौंपा मांग पत्र इस अवसर पर संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों ने बोर्ड अध्यक्ष को एक मांग पत्र सौंपा. इसमें शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने, विद्यालय की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने, मृत शिक्षकों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने, छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार पद सृजन करने तथा मॉडल विद्यालयों के चयन में सुपौल जिला के विद्यालयों को शामिल करने जैसी प्रमुख मांगें रखी गयी.

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By RAJEEV KUMAR JHA

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