शिक्षा से बड़ी कोई ताकत नहीं : वीएन सिन्हा

फोटो-05कैप्सन- संबोधित करते न्यायमूर्ति वीएन सिन्हा.प्रतिनिधि, सुपौलदेश में शासन बदल गया, लेकिन व्यवस्था जस की तस है. आज भी देश का शासन अंग्रेजों द्वारा प्रदत्त शासन व्यवस्था के तहत ही चल रहा है. उक्त बातें पटना हाइकोर्ट के न्यायाधीश सह राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वीएन सिन्हा ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित टीसीपी […]

फोटो-05कैप्सन- संबोधित करते न्यायमूर्ति वीएन सिन्हा.प्रतिनिधि, सुपौलदेश में शासन बदल गया, लेकिन व्यवस्था जस की तस है. आज भी देश का शासन अंग्रेजों द्वारा प्रदत्त शासन व्यवस्था के तहत ही चल रहा है. उक्त बातें पटना हाइकोर्ट के न्यायाधीश सह राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वीएन सिन्हा ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित टीसीपी भवन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम में कहीं. कहा कि विधायिका का कार्य कानून बनाना है, लेकिन दुर्भाग्य है कि वे अपने इस अधिकार का सबसे अधिक उपयोग अपने स्वार्थ के लिए ही करते हैं. यही कारण है कि उन्हें सबसे अधिक आलोचना भी झेलनी पड़ती है. न्यायमूर्ति श्री सिन्हा ने कहा कि समाज में कभी पैसा ही ताकत समझा जाता था, लेकिन वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षा से बड़ी ताकत कोई नहीं है. अशिक्षित लोग ही उनके लिए संचालित योजनाओं व उनके हितकर नियमों की जानकारी से अनभिज्ञ होते हैं. विधिक सेवा प्राधिकार ऐसे लोगों को भी कानूनी सहायता प्रदान करने तथा उन्हें जागरूक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. दायरे में रह कर प्राधिकार द्वारा इसके लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं. इससे पूर्व श्री सिन्हा उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की समस्याओं से अवगत हुए तथा उनके निदान के रास्ते भी बताये. उन्होंने छोटे-छोटे मामलों का पंचायत स्तर पर निष्पादन करने का आह्वान किया. इस अवसर पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष निशा झा, एलएसए के संयुक्त सचिव मनीष कुमार तिवारी, प्राधिकार के जिलाध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार, डीएम एलपी चौहान, एसपी पंकज कुमार राज सहित वरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.

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