कुनौली. पंचायत शिक्षक नियोजन 2012 में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है. यह खुलासा तब हुआ, जब जिलाधिकारी के जनता दरबार में अभ्यर्थियों ने मामले से संबंधित आवेदन दिया. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह को जांच का जिम्मा दिया. डीएम द्वारा जारी आदेश में एक सप्ताह के अंदर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया था.जिसके बाद एसडीओ ने जिला जन शिकायत के इस पत्र का हवाला देते हुए अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी को डगमारा एवं बेला शृंगार मोती में शिक्षक नियोजन से जुड़े अभिलेखों के जांच का जिम्मा सौंपा. साथ ही बीडीओ को भी जांच की जिम्मेवारी सौंपी गयी. जांच के क्रम में नियोजन इकाई से जुड़े उपेंद्र राम द्वारा अभिलेख प्रस्तुत करने के क्रम में आनाकानी की गयी. जिससे जांच कार्य प्रभावित हो रहा था.बीडीओ ने डगमारा मुखिया राम प्रसाद राम से इस बाबत स्पष्टीकरण भी पूछा. एसडीओ श्री सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी से प्राप्त निर्देश के आलोक में जांच आरंभ की गयी थी, लेकिन कुछ रुकावटों के कारण जांच पूरी नहीं की जा सकी है. रुकावट डालने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी.
आदेश के बावजूद अधूरी है नियोजन में धांधली की जांच
कुनौली. पंचायत शिक्षक नियोजन 2012 में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है. यह खुलासा तब हुआ, जब जिलाधिकारी के जनता दरबार में अभ्यर्थियों ने मामले से संबंधित आवेदन दिया. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह को जांच का जिम्मा दिया. डीएम द्वारा जारी आदेश में […]
