नौ माह से मानदेय सें वंचित हैं इंदिरा आवास कर्मी

प्रतिनिधि, सुपौलप्रखंड क्षेत्र में कार्यरत इंदिरा आवास सहायक, पर्यवेक्षक व लेखापाल सहित अन्य कर्मियों का मानदेय नौ माह से लंबित है. मानदेय नहीं मिलने से कर्मियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसका असर अब कर्मियों के कामकाज पर भी दिखने लगा है. मानदेय के लिए हर माह डीडीसी को मांगपत्र भेजा […]

प्रतिनिधि, सुपौलप्रखंड क्षेत्र में कार्यरत इंदिरा आवास सहायक, पर्यवेक्षक व लेखापाल सहित अन्य कर्मियों का मानदेय नौ माह से लंबित है. मानदेय नहीं मिलने से कर्मियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसका असर अब कर्मियों के कामकाज पर भी दिखने लगा है. मानदेय के लिए हर माह डीडीसी को मांगपत्र भेजा जाता है, बावजूद मानदेय नहीं मिलने से कर्मियों में हताशा का माहौल है. इंदिरा आवास कर्मी मधुलिका कुमारी, अनिता कुमारी, नूनमनी देवी, बलवीर कुमार आदि ने बताया कि कार्यक्षेत्र बड़ा होने के कारण प्रतिदिन का खर्च 100 से 200 रुपये होता है. इसके अलावा प्रत्येक सप्ताह बीडीओ को जांच रिपोर्ट भी समर्पित करनी होतीहै. साथ ही मुख्यमंत्री जीर्णोद्धार योजना सहित अन्य योजनाओं की फोटोग्राफी के लिए कैमरामैन भी नहीं दिया जाता है और इसका खर्च भी इंदिरा आवास सहायकों को ही वहन करना पड़ता है. लिहाजा मानदेय नहीं मिलने से कार्य करना आसान नहीं रह गया है. इस बाबत डीडीसी हरिहर प्रसाद ने बताया कि मांग सही है. उक्त मद में अभी राशि उपलब्ध नहीं है. सरकार को इस बाबत लिखा गया है.

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