फोटो-04कैप्सन- गिफ्ट से सजी दुकान प्रतिनिधि,सुपौलवह जमाना गया जब प्रेम की मूक अभिव्यक्ति होती थी. नये जमाने में संदेश स्पष्ट है कि प्रेम है तो इसकी खुली अभिव्यक्ति भी होनी चाहिए, क्योंकि प्यार पौधे की तरह नाजुक होते हैं, जिसे सींचने की जरूरत होती है. नये जमाने की नयी सोच को बाजार ने हवा दी है और 14 फरवरी को हाल-ए- दिल का इजहार करने के लिए बाजार सज कर तैयार हैं. हालांकि प्रेम पुजारियों का यह पर्व आठ फरवरी से ही जारी है. गिफ्ट आइटमों की भरमार मोबाइल और फेसबुक के बावजूद आज भी वेलेंटाइन डे कार्ड की अहमियत पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. बाजार में 55 रुपये से लेकर 550 रुपये तक के कार्ड मौजूद हैं. वहीं राधा-कृष्ण की मूर्ति और दिलनुमा आकृति के 25 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक के आइटम मौजूद हैं. लड़कियां जब गिफ्ट खरीदती हैं, तो गिफ्ट के साथ परफ्यूम भी शामिल होता है. जब लड़के खरीदारी करते हैं, तो उसमें चॉकलेट भी शामिल होता है. वेलेंटाइन डे के दिन गुलाब के फूल की विशेष मांग रहती है. गुपचुप तरीके से ही सही इस कसबाई शहर में संत वेलेंटाइन के अराधकों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, ऐसा बाजार कह रहा है.
हाल-ए -दिल बयां करने के लिए सजा बाजार
फोटो-04कैप्सन- गिफ्ट से सजी दुकान प्रतिनिधि,सुपौलवह जमाना गया जब प्रेम की मूक अभिव्यक्ति होती थी. नये जमाने में संदेश स्पष्ट है कि प्रेम है तो इसकी खुली अभिव्यक्ति भी होनी चाहिए, क्योंकि प्यार पौधे की तरह नाजुक होते हैं, जिसे सींचने की जरूरत होती है. नये जमाने की नयी सोच को बाजार ने हवा दी […]
