सुपौल : दो दिनों से जिले के विभिन्न भागों में हाथी के उत्पात से लोग भयाक्रांत हैं. एक तरफ जहां सैकड़ों एकड़ में लगी फसल को हाथी ने बर्बाद कर दिया. वहीं इस जंगली हाथी ने 05 लोगों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया है. इतना ही नहीं हाथी ने करीब आधा दर्जन लोगों को घायल भी कर दिया है.
खास बात यह है कि सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार हाथियों के उत्पात के बाद भी वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा इससे बचाव को लेकर आज तक ठोस कदम नहीं उठा सकी है. जबकि कई वर्षों से नेपाली हाथियों का तांडव किया जाता रहा है. हालांकि पिछले वर्षों से आज तक कोई ऐसी घटना नहीं घटी थी. जिसमें किसी की मौत हुई हो.
खास कर नेपाल से वीरपुर के इलाके में रात के अंधेरे में हाथी आते थे और सुबह होते वापस नेपाल लौट जाते थे. इसमें फसल नुकसान होता था. लेकिन इस बार नेपाल के जंगल से आए सिर्फ एक हाथी ने ऐसा तांडव मचाया की कोई भी भुला नहीं सकता है. नेपाल के सीमा से करीब पचास किलोमीटर अंदर आए हाथी दो दिनों तक लोगों में कोहराम मचा दिया.
इस दौरान हाथी को फिर वापस नेपाल भेजने के लिए वन विभाग की टीम 48 घंटे से प्रयास करती रही. इस बीच अपने दो दिनों के सफर में हाथी भीमनगर, करर्जाइन, राघोपुर, पिपरा, किसनपुर, सरायगढ़, रतनपुर सहित कई थाना क्षेत्र का भ्रमण किया और कई लोगों को घायल करते हुए 05 लोगों को मौत की नींद सुला दी है. खास बात ये भी रही की इस बीच डीएम एसपी को भी कैंप करना पड़ा. बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहे. ताकि लोगों को परेशानी से बचाया जा सके.
कहते हैं डीएम
डीएम महेंद्र कुमार ने बताया की हाथी को नेपाल प्रभाग में भेजने के लिए कोशिश की जा रही है. जल्द ही कामयाबी भी मिलेगी. हाथी नेपाल सीमा के करीब पहुंच चुका है. वहीं इस कार्य में वन विभाग की टीम लगी हुई है.
कहते हैं अधिकारी
रेंज ऑफिसर अर्जुन गुप्ता ने बताया कि पटना से चार सदस्यीय टीम हाथी को काबू करने के लिए पहुंच गयी है. लेकिन हाथी अभी नेपाल के सीमा के करीब पहुंच गयी है. लिहाजा अब उसे काबू में नहीं किया जायेगा. कोशिश की जा रही है की हाथी को नेपाल प्रभाग में वापस भेज दिया जाए.
