बीडीओ परवेज आलम पर परिवाद पत्र दाखिल
सुपौल : जिले के छातापुर बीडीओ परवेज आलम के विरुद्ध अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निषेध अधिनियम के तहत स्थानीय व्यवहार न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल किया गया है. पीड़ित पक्ष छातापुर के लालगंज वार्ड नंबर आठ निवासी पार्वती देवी पति देवनारायण सादा द्वारा दायर किये गये परिवाद संख्या 17/2017 पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने […]
सुपौल : जिले के छातापुर बीडीओ परवेज आलम के विरुद्ध अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निषेध अधिनियम के तहत स्थानीय व्यवहार न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल किया गया है. पीड़ित पक्ष छातापुर के लालगंज वार्ड नंबर आठ निवासी पार्वती देवी पति देवनारायण सादा द्वारा दायर किये गये परिवाद संख्या 17/2017 पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 15 जुलाई मुकर्रर की है. मालूम हो कि अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के कोर्ट में दायर परिवाद पत्र में पीड़ित ने बताया कि
गत वर्ष हुए ग्राम पंचायत चुनाव के पश्चात तत्कालीन बीडीओ ने उन्हें व उनके पति के साथ जाति सूचक शब्द का प्रयोग कर अमर्यादित व्यवहार किया गया. साथ ही उन्हें कार्यालय से बाहर धक्का देकर निकाल दिया. जिससे आहत उन्होंने न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है.
क्या है मामला : गौरतलब हो कि पंचायत चुनाव के दौरान लालगंज पंचायत मुखिया पद के लिये पार्वती देवी पति देवनारायण सादा ने आवेदन दाखिल किया था. इसी क्षेत्र से एक अन्य महिला मुखिया उम्मीदवार पार्वती देवी पति परमेश्वर भारती ने भी अपना पर्चा दाखिल कराया. एक नाम से दाखिल दो उम्मीदवारों के इस झमेले में निर्वाचन पदाधिकारी ने तय करते हुए बैलेट पेपर पर पार्वती देवी 2 पति देवनारायण सादा तथा पार्वती देवी 1 पति परमेश्वर भारती अंकित करवाया. चुनावी परिणाम के बाद वादी ने जब निर्वाचन पदाधिकारी से जानकारी ली गयी तो उन्हें बताया गया कि संबंधितों को प्रमाण -पत्र दे दिया जायेगा. लेकिन बाद में उनके विपक्षी प्रत्याशी को सर्टिफिकेट दे दिया गया.
मुझे मुकदमा के बारे में कोई जानकारी नही है. तीन माह बाद छातापुर आया हूं. जहां तक जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने की बात है तो यह सरासर झूठ है.
मो परवेज़ आलम, प्रखंड विकास पदाधिकारी, छातापुर