पैंट मोड़कर चलना लोगों की मजबूरी
कचरे का लगा है अंबार
सुपौल : शहर में जलजमाव की स्थिति को लेकर दबी जुबान से अधिकारियों का कहना है कि सड़कों का उंचीकरण हुआ है और नाला नीचे पड़ गया है सो परेशानी सामने आ रही है. यह सच है कि शहर का विकास हुआ है. लेकिन यह भी सच है कि हल्की बारिश में भी शहर पानी-पानी हो जाता है. पैंट मोड़कर चलना लोगों की मजबूरी हुआ करती है. शहर के सबसे दयनीय स्थिति वाला वार्ड सात है. इस वार्ड में हल्की बारिश होने के बाद सभी सड़कों पर पानी ही पानी नजर आते हैं. वार्ड नंबर नौ में भी हर जगह कचड़ा का अंबार लगा हुआ है. नाले नहीं रहने से लोगों को पानी बहाने की समस्या रहती है. वार्ड नंबर 11 में भी बिना बारिश के भी सड़क के उपर पानी जमा रहता है.
वार्ड नंबर 13 में भी नाला नहीं रहने से गंदा पानी का जमाव सड़क पर रहता है. बारिश हो जाने के बाद यही गंदा पानी सबके आंगन में प्रवेश कर जाता है. वार्ड नंबर 17 का भी यही हाल है. इस वार्ड में भी हल्की बारिश हो जाने के बाद सड़कों पर पानी लग जाता है. वार्ड नंबर 20 में भी कुछ -कुछ जगह पर पानी का जमावड़ा हर वक्त लगा रहता है. यही हाल वार्ड नंबर 25,26 व 28 का है. इधर, जब इस बाबत नप के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि जल जमाव की समस्या को ले नप काफी गंभीर है.
