ग्रामीणों में पनप रहा है आक्रोश, 12 जून से लापता है केशव
सुपौल : केशव झा अपहरण की गुत्थी पुलिस अब तक सुलझाने में विफल रही है. जिसके कारण स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यशैली के विरुद्ध आक्रोश पनपने लगा है. हालांकि मामले में पीड़ित परिवार के लोग क्या करें क्या नहीं करें की स्थिति में चुप बैठे, पुलिस के भरोसे ही अपने घर के लाडले के इंतजार में हैं. लेकिन शुरू से ही पुलिस की अनुसंधान प्रक्रिया से नाराज ग्रामीणों के सब्र का बांध अब टूटने के कगार पर है. अपहृत केशव की बरामदगी अब तक नहीं होने का गुस्सा लोगों के चेहरे पर देखी जा सकती है.
ग्रामीणों ने गत 16 जून को पिपरा पुलिस की शिथिल जांच शैली से नाराज हो कर एनएच 106 को जाम कर अपना विरोध जताया था. उस दौरान जहां पिपरा पुलिस को ग्रामीणों की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा था. हालांकि डीएसपी विद्या सागर के पहल पर कि अपहरण कांड का उद्भेदन 48 घंटे के अंदर कर लिया जायेगा के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया था. बावजूद अब तक केशव की बरामदगी पुलिस द्वारा नहीं की गयी है. जो कही ना कही पुलिस की विफलता को प्रदर्शित करता है.
जिसके कारण लोगों का धैर्य अब जवाब दे रहा है. हालांकि केशव की बरामदगी के लिए गठित जांच टीम में पिपरा थानाध्यक्ष को अलग रख कर प्रशासन ने भले ही ग्रामीणों की दुखती नब्ज पर मलहम लगाने का काम किया है. लेकिन जिम्मेवार पर अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करना, कई तरह के सवाल खड़े करता है. हालांकि मामले के उद्भेदन के लिए सुपौल डीएसपी विद्यासागर व त्रिवेणीगंज डीएसपी चंद्रशेखर विद्यार्थी ने नेतृत्व में दो टीम का गठन किया गया है.
जिसमें त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष वासुदेव राय, किसनपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार, भपटियाही थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मिश्र व अन्य शामिल है. पुलिस द्वारा गठित दोनों जांच टीम अनुसंधान के आधार पर केशव की बरामदगी के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है. लेकिन नतीजा अब भी सिफर ही रहा है.
केशव झा की बरामदगी के लिए गठित दोनों जांच टीम द्वारा अनुसंधान के आधार पर अररिया जिला स्थित कुरसाकांटा व अन्य स्थानों पर छापेमारी की गयी है. लेकिन अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा है. जल्द ही पुलिस निष्कर्ष पर पहुंचेगी.
विद्यासागर, डीएसपी, सुपौल
