गर्मी के साथ बढ़ी पावर कट की समस्या, बिजली सप्लाई बाधित होने से शहर में पेयजल पर भी संकट

गर्मी शुरू होने के साथ ही शहरी क्षेत्र में पावर कट की समस्या बढ़ गयी है. शहर के अधिकतर क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से दिन-रात मिलाकर आठ से 10 बार पावर कट हो रही है. कभी 10 मिनट की , तो कभी एक घंटे तक की पावर कट हो रही है. इसके कारण लोगों […]

गर्मी शुरू होने के साथ ही शहरी क्षेत्र में पावर कट की समस्या बढ़ गयी है. शहर के अधिकतर क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से दिन-रात मिलाकर आठ से 10 बार पावर कट हो रही है. कभी 10 मिनट की , तो कभी एक घंटे तक की पावर कट हो रही है. इसके कारण लोगों के दैनिक कार्य पर असर पड़ रहा है. पावर कट के कारण इधर बिजली की सप्लाई में भी बढ़ा पहुँच रही है और इस वजह से कई क्षेत्रों में पानी की समस्या भी बढ़ने लगी है. शहर के बैरागी, वागेश्वरी, टिल्हा महावीर स्थान, शहीद रोड, चौक, गुरुद्वारा, अनुग्रह नारायण रोड समेत कई अन्य क्षेत्रों में बीते एक सप्ताह से प्रतिदिन चार से छह घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है. विशेष कर रात में पावर कट होने से लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ रहा है. समय पर अपना दैनिक कार्य लोग नहीं कर पा रहे हैं. इसके कारण लोग पानी संकट से भी जूझ रहे हैं. बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है.

क्या कहते हैं लोग

‘बीते करीब एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति शहर में पूरी तरह से अनियमित हो गयी है. आने-जाने का खेल शुरू हो गया है. ऐसे में विशेष कर बच्चों की पढ़ाई पर काफी असर पड़ रहा है.’
-शशिकांत मिश्रा, टिल्हा महावीर स्थान

‘होली के पहले से अनुग्रह नारायण रोड में प्रतिदिन 10 मिनट से दो घंटे तक आठ से 10 बार बिजली कट हो रही है. इसके कारण लेट सोने से सुबह उठने में देरी हो रही है. कारोबार पर असर पड़ रहा है.’
-नीरज कुमार, एएन रोड

‘शहर के शहीद रोड में करीब एक पखवारे से पावर कट की समस्या बनी हुई है. गर्मी बढ़ने से बिजली की कमी का एहसास अब होने लगा है. विभाग को विशेष कर शहरी क्षेत्र में नियमित बिजली आपूर्ति की व्यवस्था करनी चाहिए.’
-वासुदेव शर्मा, शहीद रोड

‘बिजली विभाग केवल अपने फायदे की सोच रहा है. उपभोक्ताओं की समस्या से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है, जबकि शहर के अधिकतर उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ गये हैं. पहले पैसा देते हैं, तब उन्हें बिजली मिलती है. बिजली आपूर्ति भी स्मार्ट व्यवस्था के साथ होनी चाहिए. ताकि, उपभोक्ताओं को पावर पावर कट की समस्या का दंश नहीं झेलना पड़े.’
-जितेंद्र कुमार वर्मा, रामसागर रोड

गर्मी में बच्चों की सुरक्षा जरूरी

”हल्के सूती कपड़े पहनाएं, पानी पीते रहने के लिए कहें.”- डॉ मंजूल विजय, शिशु रोग विशेषज्ञ

मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है. दिनों-दिन तापमान बढ़ रहा है. इस बदलते मौसम में कई बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ता है. ऐसे समय में बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है. बच्चों में डिहाइड्रेशन, नकसीर फूटना, बैक्टीरिया का संक्रमण, फूड प्वाइजनिंग, पीलिया व टाइफाइड जैसी समस्याएं अमूमन देखने को मिलती हैं. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मंजुल विजय ने कहा कि बच्चों को सूती के हल्के-ढ़ीले और साफ कपड़े पहनाएं. बच्चों को बार-बार पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं. घर से बाहर जाते समय पानी में ग्लूकोज मिलाकर बोतल में भरकर दें. नारियल पानी, नींबू पानी व चीनी का घोल नियमित अंतराल पर दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बच्चों को खाने में हरी सब्जियों के साथ ताजे फल दें. बच्चों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले भोजन दें. खुले में बिकने वाले जंक फूड या दूसरी प्रकार की खाद्य वस्तुओं से परहेज कराएं. डॉ विजय ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान बढ़ रहा है. साथ ही गर्मी के मौसम में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है. मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों को जन्म देने के साथ-साथ मच्छर त्वचा को भी नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में बच्चों को मच्छरदानी के अंदर ही सुलायें. गर्मी के मौसम में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है. वायु प्रदूषण के कारण बच्चों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लेना जरूरी है. बाहर से आने, खाना खाने से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ धोना चाहिए.

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Author: Ravi Ranjan

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