आज से होगी गेहूं की खरीद

जिले में पहली अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हो जायेगी. किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के लिए सरकार ने 2425 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तय किया है. सहकारिता विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है. अभी तक 105 समितियां का चयन कर दिया गया है. सभी को सीवान सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से सीसी ऋण उपलब्ध करा दी गयी है.

प्रतिनिधि, सीवान. जिले में पहली अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हो जायेगी. किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के लिए सरकार ने 2425 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तय किया है. सहकारिता विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है. अभी तक 105 समितियां का चयन कर दिया गया है. सभी को सीवान सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से सीसी ऋण उपलब्ध करा दी गयी है. अभी तक गेहूं की कटनी नहीं लगने के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि गेहूं खरीद में अभी एक सप्ताह से ऊपर विलंब हो सकता है. अभी किसानों के खेत में गेहूं तैयार हो रहा है और अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गेहूं की कटनी में तेजी आयेगी. इसके बाद ही सरकारी क्रय केद्रों पर गेहूं की बिक्री हो सकेगी. जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गेहूं खरीद को लेकर टास्क फोर्स की बैठक भी हो चुकी है. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से मिलेगी सुविधा: सरकारी खरीद में पारदर्शिता और किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.किसान अपने नजदीकी पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समिति) या व्यापार मंडल के केंद्रों पर जाकर गेहूं बेच सकते हैं.सरकार ने गेहूं खरीद प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर कर दिया जाए. इस प्रक्रिया से किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें समय पर उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा. खरीद केंद्रों पर गेहूं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वजन मापक यंत्र और नमी जांच मशीनें लगाई गई हैं. इससे यह तय किया जाएगा कि खरीदा गया गेहूं सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं. सरकारी क्रय केद्रों पर किसानों की मेहनत का सही दाम मिल सकेगा संपूर्ण खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी तैनात रहेंगे.जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए सभी जरूरी कदम उठाये गये हैं. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे ऑनलाइन पंजीकरण कराकर अपने नजदीकी केंद्रों पर गेहूं बेचें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाये. सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद से किसानों को बिचौलियों से बचने और उचित मूल्य प्राप्त करने का मौका मिलेगा. सरकार की इस पहल से जिले के किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनकी मेहनत का सही दाम मिल सकेगा.

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By Deepak mishra

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