Siwan Viral Video : सीवान जिला के आंदर थाना इलाके के उज्जैन बंगरा गांव में वायरल वीडियो के बाद बढ़ते जातीय तनाव और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. सीवान सदर के अनुमंडल दंडाधिकारी आशुतोष गुप्ता ने सोमवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी. यह आदेश 24 अगस्त से क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने तक प्रभावी रहेगा.
आंबेडकर पर जातिसूचक टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद, मारपीट के बाद बढ़ा तनाव
प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संबंध में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और संतोष सिंह के साथ मारपीट एवं गाली-गलौज की घटना के बाद गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है. दोनों पक्षों की ओर से दिए गए आवेदनों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है.
वायरल वीडियो ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के माध्यम से दोनों पक्षों से जुड़े लोगों द्वारा कथित रूप से उन्मादपूर्ण और भड़काऊ बयान प्रसारित किये जाने से प्रशासन की चिंता बढ़ गयी. अधिकारियों को आशंका है कि ऐसे वीडियो और बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं तथा स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है.
चार या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक
धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा में शांति भंग करने के उद्देश्य से चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गयी है. इसके साथ ही भड़काऊ भाषण, नारेबाजी और अफवाह फैलाने जैसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा. प्रशासन ने लोगों से आदेश का पालन करने की अपील की है.
हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध
निषेधाज्ञा के दौरान लाठी, भाला, गड़ासा, चाकू, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक अथवा किसी अन्य घातक हथियार को लेकर चलना प्रतिबंधित किया गया है. प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित विवाद या हिंसक स्थिति को समय रहते रोकना है.
सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री डालने पर भी रोक
प्रशासन ने सोशल मीडिया को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किये हैं. जातीय उन्माद फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, समाज में वैमनस्य पैदा करने या किसी जाति को दूसरी जाति के खिलाफ उकसाने वाली सामग्री के प्रसार पर रोक रहेगी. लोक सेवक को धमकी देने या सरकारी कार्य में बाधा डालने वाली सामग्री के प्रसार पर भी कार्रवाई की जा सकती है.
इन लोगों और कार्यक्रमों पर लागू नहीं होगा आदेश
निषेधाज्ञा सरकारी पदाधिकारियों, पुलिस एवं सैन्य बल के जवानों, प्रशासन की ओर से जारी पासधारकों पर लागू नहीं होगी. इसके अलावा शव यात्रा, धार्मिक जुलूस तथा शादी-विवाह जैसे निर्धारित कार्यक्रमों को भी आदेश से छूट दी गयी है.
प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने उज्जैन बंगरा के लोगों से संयम बरतने और किसी भी तरह की अफवाह अथवा भड़काऊ बयानबाजी से बचने की अपील की है. पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं प्रशासन की नजर क्षेत्र की स्थिति और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही सामग्री पर बनी हुई है.
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